बांदा। विधानसभा में पूछे गए एक प्रश्न के बाद पुलिस के रिकाॅर्ड को लेकर सवाल उठने लगे हैं। दरअसल बांदा में जिस व्यक्ति को जनसूचना अधिकार से मांगी सूचना में निर्दोष बताया गया था। उसे पासपोर्ट के लिए हुए पुलिस वेरीफिकेशन में आरोपी बता दिया गया। विधानसभा में मंगलवार को यह मामला कानपुर कैंट विधायक ने उठाया।
कानपुर कैंट से विधायक मो. हसन रुमी ने नियम 56 के तहत विधान सभा में अध्यक्ष को सूचना दी कि बांदा शहर के खाईपार मोहल्ला निवासी हुसैन खां ने 28 फरवरी, 2024 को पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था।
इसमें पुलिस ने पासपोर्ट कार्यालय को भेजी रिपोर्ट में आवेदक पर धोखाधड़ी आदि की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज होने की जानकारी दी है, जबकि जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत 15 जून 2024 को दी सूचना में कहा गया था कि हुसैन खां पर वर्ष 2007 से 2024 तक कोतवाली बांदा में कोई अभियोग पंजीकृत नहीं है।
विधायक ने इसे गंभीर मामला बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष से कहा कि पूरे प्रदेश में पुलिस जांच के नाम पर अवैध वसूली कर रही है। विधायक ने इसे लोक महत्व का विषय बताते हुए सदन की कार्रवाई रोककर चर्चा कराने की मांग की। अध्यक्ष ने सरकार को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है।