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आंकड़ों की माया, हर परिवार को 45 पौधों की छाया

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बांदा। बुंदेलखंड की पथरीली धरती पर पौधरोपण के सरकारी आंकड़े खूब हरे-भरे हैं। धरातल पर कुछ भी हो पर फाइलों में यह हरियाली चहुंओर छाई हुई है। पौधरोपण के आंकड़े तो यही बयां कर रहे हैं। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट और महोबा में पिछले दो वर्षों में तीन करोड़ 90 लाख 15 हजार 657 पौधरोपण का दावा किया गया है।
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चारों जिलों का क्षेत्रफल 14,790 वर्ग किलोमीटर है। यानि औसतन एक वर्ग किलोमीटर में 2638 पेड़ों की हरियाली है। साथ ही एक परिवार पर 45 पौधों का औसत है। चित्रकूटधाम मंडल के वन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि मंडल के चारों जिलों में पिछले साल वर्ष 2020-21 में एक करोड़ 80 लाख 83 हजार पौधे लगाए गए थे। यही लक्ष्य था। इस वर्ष 2021-22 में दो करोड़ नौ लाख 32 हजार 657 पौधरोपण का लक्ष्य है। चार जुलाई को विशेष पौधरोपण अभियान में 10 लाख से ज्यादा पौधे भी लगाए गए हैं।
वन विभाग के आंकड़ों पर अगर यकीन किया जाए तो चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में सिर्फ दो वर्षों के पौधरोपण में औसतन एक वर्ग किलोमीटर में 2638 पौधे लगाए गए हैं। उधर, आबादी के हिसाब से देखा जाए तो चित्रकूटधाम मंडल में एक व्यक्ति पर आठ पेड़ों का औसत है। मंडल की कुल आबादी 47 लाख 71 हजार 363 (पिछली जनगणना के अनुसार) है, जबकि बीते दो वर्षों में पौधरोपण तीन करोड़ 90 लाख 15 हजार से भी ज्यादा बताया जा रहा है। (संवाद)
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317 लोगों के बीच 2638 पेड़
सरकारी आंकड़ों की बाजीगरी में चित्रकूटधाम मंडल में दो वर्षों के पौधरोपण में एक परिवार पर 45 पौधों का औसत है। जनगणना के मुताबिक, मंडल के चारों जिलों बांदा, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट में 8 लाख 51 हजार 493 परिवार हैं। पौधरोपण 3.90 करोड़ से ज्यादा हो रहा है। मंडल में आबादी का घनत्व औसत 317 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है। दो वर्ष के पौधरोपण के आंकड़ों के अनुसार, एक वर्ग किलोमीटर में आबाद 317 लोगों के बीच 2638 पौधे लगाए गए हैं।
मंडल में प्रति वर्ग किमी आबादी घनत्व, जनसंख्या और परिवार---
जिला घनत्व जनसंख्या परिवार
बांदा 408 17,99,410 3,19,963
चित्रकूट 308 9,91,730 1,68,232
महोबा 279 8,75,938 1,58,435
हमीरपुर 275 11,04,285 2,04,863
योग- 1270 47,71,363 8,51,493
नोट- आंकड़े जनगणना- 2011 के
मंडल के जनपदों का क्षेत्रफल (वर्ग किमी में)---
बांदा- 4408
चित्रकूट- 3216
महोबा- 3144
हमीरपुर 4021
योग- 14,789
चित्रकूटधाम मंडल में पौधरोपण का गणित---
वर्ष 2020-21 में -1,80,83,000
वर्ष 2021-22 में-2,09,32,657
कुल योग 3,90,15,657
-प्रति वर्ग किलोमीटर में 317 आबादी के औसत में 2638 पेड़। मंडल में प्रति परिवार पौधों का औसत 45
इंसेट---
मंडल में पौधरोपण का 2 वर्षों का लक्ष्य---
जनपद 2020-21 2021-22
बांदा 36,71,000 44,53,250
चित्रकूट 51,24,000 55,18,510
हमीरपुर 52,10,000 55,30,987
महोबा 40,78,000 54,29,905
योग- 1,80,83,000 2,09,32,652
आंकड़ों की बाजीगरी में वन नीति में फेल
आंकड़ों की बाजीगरी के बाद भी बुंदेलखंड और चित्रकूटधाम मंडल राष्ट्रीय वन नीति पर खरा नहीं उतरा। वन नीति के तहत 33 प्रतिशत भूभाग में वन होना चाहिए, लेकिन बांदा में 1.80 प्रतिशत, महोबा में 4.50 प्रतिशत, चित्रकूट में 21.66, हमीरपुर में 3.6 प्रतिशत वन क्षेत्र हैं।
पौधरोपण में लूट खसोट पुरानी परंपरा
बुंदेलखंड में पौधरोपण के नाम पर सरकारी बजट की लूट खसोट का सिलसिला पुराना है। बसपा, सपा, भाजपा सरकारों में पेड़ों के नाम पर जेबें भरने का धंधा पनपा। जांचों में लीपापोती हुई। कई नजीरें ऐसी भी हैं कि जिन्होंने घोटाला किया उन्हीं को जांच सौंप दी। चित्रकूट जनपद उसका उदाहरण है। यहां हाल ही में यह मुद्दा भी उठा कि शासन के निर्देशों की अनदेखी करके पेटी ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया। बुंदेलखंड में पिछले 10 वर्षों में घोटाले की दलीलों के साथ आरटीआई एक्टिविस्ट आशीष सागर इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट भी दायर कर रखी है। इसमें शासन, वन विभाग के बड़े अफसरों को पार्टी बनाया गया है। रिट में कहा गया कि वर्ष 2011-12 में सीएजी की आडिट रिपोर्ट में बुंदेलखंड में पौधरोपण में लगभग 40 करोड़ रुपये की गड़बड़ी उजागर हुई है।
गिनीज बुक वाले पौधरोपण में घास का जंगल
सरकारी पौधरोपण की पोल खोलने के लिए बांदा का राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर पर्याप्त है। वर्ष 2016 में यहां एक घंटे में पांच हजार पौधे रोपे गए थे। जोरशोर से इसका प्रचार भी किया गया था। इसे गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कर लिया गया था। इसके बाद किसी ने सुध नहीं ली। यहां पर रोपे गए पौधे भी नष्ट हो गए। यहां सिर्फ अब जंगली घास बची है।
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