तिंदवारी (बांदा)। भैंसों को चारा डालते समय पति ने कुछ कहा तो पत्नी और बच्चों ने जवाब दे दिया। इस पर पति-पत्नी की कहासुनी हो गई। इससे गुस्साए पति ने मंगलवार की रात कमरे में सो रही पत्नी की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। घटना को उसकी बड़ी बेटी ने अपनी आंखों से होता देखा तो बाहर सो रहीं दादी और बाबा को जानकारी दी। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पति को आला कत्ल कुल्हाड़ी के साथ गिरफ्तार किया है। पिता ने थाने में अपने हत्यारोपी पुत्र के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
तिंदवारी थाना क्षेत्र के धौसड़ गांव निवासी भोला प्रसाद वर्मा ने बताया कि बहू मंजू वर्मा (38) मंगलवार की रात कमरे में सो रही थी। रात करीब 10 बजे बेटे राम आशीष वर्मा ने कमरे की कुंडी बंद कर सो रही पत्नी मंजू की गर्दन और सिर पर कुल्हाड़ी से तीन वारकर हत्या कर दी। बड़ी बेटी निहारिका की नींद खुली तो उसने जंगले से देखा कि पिता उसकी मां पर कुल्हाड़ी से वार कर रहा था। उसने आकर उन्हें और दादी कलावती को जगाया। सभी भागकर कमरे की ओर गए तो बेटे ने उन्हें धमकाकर रोक दिया।
भोला प्रसाद की सूचना पर तिंदवारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इंस्पेक्टर तिंदवारी सुरेश सैनी व क्षेत्राधिकारी सदर राजवीर सिंह गौर ने पुलिस व फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल की जांच कर आरोपी को गिरफ्तार कर दिया। आला कत्ल कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली। भोला प्रसाद ने बताया है कि मंगलवार की शाम साढ़े छह बजे मंजू बच्चों के साथ खेत से चारा लेकर आई थी। वह भैसों को चारा डाल रही थी। इस बीच हत्यारोपी रामआशीष ने टोक दिया। इस पर पत्नी और बच्चों ने पलटकर कहा कि भैंसों को चारा डाल रहे हैं, चारा हम खाएंगे क्या।
इसी बात पर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हो गई। इस पर नाराज होकर राम आशीष घर के बाहर चला गया। रात करीब साढ़े आठ बजे वह घर लौटकर आया था और वारदात को अंजाम दिया।
वर्जन
तिंदवारी थाना क्षेत्र के धौसड़ गांव में महिला की पति ने कुल्हाड़ी से हत्या कर दी है। आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। आला कत्ल कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है। घटना के पीछे पारिवारिक कलह बताई जा रही है। आरोपी के पिता ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। -राजवीर सिंह गौर क्षेत्राधिकारी, सदर, बांदा।
साइड स्टोरी
मंजू के सिर पर थी पूरे घर की जिम्मेदारी
पति कुछ नहीं करता है, आए दिन पति और पत्नी के बीच होता था विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। तिंदवारी थाना क्षेत्र के धौसड़ गांव में महिला की हत्या के पीछे हत्यारोपी पति का कुछ न करना बताया जा रहा है। भोला प्रसाद वर्मा ने बताया कि वे जल निगम में चौकीदार के पद से रिटायर्ड हैं। दो पुत्र रामआशीष और मनोज हैं। दोनों बेटे अलग-अलग रहते हैं। वह बड़े बेटे रामआशीष के साथ रहते हैं। रामआशीष की पत्नी मंजू पूरे घर की देखरेख करती थी।
बताया कि मंजू ने हाल ही में पांच बीघा जमीन बलकट पर 60 हजार रुपये में ली थी लेकिन रामआशीष खेती किसानी में रुचि नहीं लेता था। घर में खुली गुटखा की दुकान पर भी नहीं बैठता था। इसी बात को लेकर अक्सर पति-पत्नी के बीच विवाद होता था। मंजू का कहना था कि गांव में रहकर मेहनत मजदूरी करो या तो खेती किसानी में सहयोग करो लेकिन राम आशीष काम में रुचि नहीं लेता था। पूरा दिन घर में और गांव में घूम टहल कर आ जाता था।
भोला ने बताया कि रामआशीष की बड़ी बेटी निहारिका तिंदवारी के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में कक्षा 12 की छात्रा है। उससे छोटी बेटी वर्षा भी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में कक्षा 10वीं की छात्रा है। उससे छोटी चुन्नी और पुत्र गौरव सरस्वती बाल विद्या मंदिर में पढ़ते हैं। सबसे छोटी बेटी मानवी (8) अभी घर में ही रहती है। पूरे घर का खर्चा मंजू के जिम्मे था। वही बच्चाें को पढ़ा रही थी। पति रामआशीष सहयोग नहीं करता था। इसी को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।
बेटी की चीखने पर दी थी धमकी
तिंदवारी थाना क्षेत्र के धौसड़ गांव में महिला की हत्या की एक मात्र चश्मदीद बड़ी बेटी निहारिका है। निहारिका ने पुलिस को बताया कि पिता के सिर पर खून सवार था। बताया कि उसने अपनी आंखों से मंजर देखा था। वह चीख तो हत्यारोपी पिता ने उसे जान से मार डालने की धमकी देकर चुप करा दिया। वह भागकर दादी और बाबा के पास पहुंची तो बाबा भोला प्रसाद ने ललकारा तो हत्यारोपी ने कहा कि जंगला न तोड़ना नहीं तो काेई भी जिंदा नहीं बचेगा।
घटना वाले दिन आई थी मंजू की सौतेली बहनें
पोस्टमार्टम हाउस पहुंची मंजू की मां कमासिन थाना क्षेत्र के खरौली गांव निवासी उर्मिला ने बताया कि मंजू उनके पहले पति बहादुर की संतान थी। 30 साल पहले छह बीघा जमीन के लिए राजबहादुर की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद उसकी शादी अमर सिंह के साथ हो गई। अमर सिंह से तीन बेटियां और एक बेटा हैं। घटना के दिन मंगलवार को दो बेटियां रचना और रंजना सौतेली बहन मंजू के घर से होकर आईं थीं। उर्मिला ने बताया कि बेटी मंजू से आखिरी बार मंगलवार की शाम चार बजे फोन पर बात भी हुई थी। तब तक ऐसा कुछ नहीं था।
कामकाज को लेकर टोकना गुजरता था नागवार
तिंदवारी थाना इंस्पेक्टर सुरेश सैनी ने बताया कि गिरफ्तार हत्यारोपी रामआशीष ने पूछताछ में स्वीकार किया कि पत्नी मंजू अक्सर उसे कामकाज को लेकर टोकती थी। यह उसे नागवार गुजरता था। मंजू की देखादेखी बच्चे भी उसे टुकारा देने लगे थे। इससे वह पत्नी और बच्चों से नाराज था। घटना की शाम जब पत्नी और बच्चाें ने चारा खुद खाने का टुकारा दिया तो उसे बेहद नागवार गुजरा था। इसी गुस्से में उसने हत्या की है।
फोटो 10- मंजू वर्मा। स्रोत- परिजन।
फोटो 10- मंजू वर्मा। स्रोत- परिजन।