अंबेडकरनगर के जिला अस्पताल में स्थापित नहीं हो सका है कुपोषण का वार्ड।
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बांदा। जिला अस्पताल के औचक निरीक्षण में आए मुख्य चिकित्साधिकारी ने ड्यूटी से नदारद लगभग दो दर्जन कर्मचारियों को उपस्थिति रजिस्टर में अनुपस्थित कर दिया। भनक लगते ही एकजुट हुए कर्मचारियों ने सीएमओ का घेराव कर उनके विरुद्ध नारे लगाए। सीएमएस ने सीएमओ की शिकायत अपर निदेशक से की है।
सीएमओ डॉ. मेजर जीएस वाजपेई बुधवार को सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर निरीक्षण के लिए जिला अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने हाजिरी रजिस्टर को चेक किया तो करीब 25 कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आए थे। रजिस्टर में उनके हस्ताक्षर भी नहीं थे। सीएमओ ने इन सभी को उपस्थिति रजिस्टर में अनुपस्थित दर्शा दिया। सीएमओ ने अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. एसएन गुप्ता के कक्ष जाकर इस बारे में जानकारी दी। सीएमएस ने उन्हें बताया कि 8:30 बजे तक पूरा स्टाफ आ जाता है। रात ड्यूटी करने वालों को सुबह थोड़ी-बहुत देर हो जाती है।
सीएमओ के सीएमएस कक्ष के बाहर निकलते ही अस्पताल कर्मियों ने उन्हें घेर लिया और नारे शुरू कर दिए। हंगामा देखकर सीएमओ ने हाजिरी रजिस्टर वापस कर दिया और वहां से निकल लिए। उधर, कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि डाक्टरों के हस्ताक्षर करा लिए गए और कर्मचारियों को अनुपस्थित कर दिया गया। उधर, सीएमएस डॉ. एसएन गुप्त का कहना है कि मुख्य चिकित्साधिकारी को जिला अस्पताल के निरीक्षण का कोई अधिकार नहीं है। वह यहां आए थे तो उनका पूरा सम्मान किया गया लेकिन उन्होंने बदसलूकी की। सीएमएस ने कहा कि इसकी शिकायत वह डीएम और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अपर निदेशक से करेंगे। उधर, सीएमओ के राज्य पोषण मिशन की बैठक में व्यस्त रहने से बात नहीं हो सकी।