बांदा। नाबालिगों के यौन शोषण प्रकरण में विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट में विचाराधीन आईटी एक्ट के मामले में शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। सीबीआई की ओर से विशेष लोक अभियाेजक धारा सिंह मीना व गवाहों के न आने से न्यायालय से इस मुकदमे की अगली तारीख 30 अक्तूबर निर्धारित की है।
न्यायालय की इस कार्रवाई में यौन शोषण के मामले में बीती 20 फरवरी को फांसी की सजा पा चुके चित्रकूट के सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन को जेल से न्यायालय में पेशी के लिए पुलिस कस्टडी में लाया गया। इस मामले में सह आरोपी दिल्ली के इंजीनियर मोहम्मद आकिफ के अधिवक्ता की ओर से स्वास्थ्य सही न होने के चलते हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र दिया गया।
नाबालिगों के साथ यौन शोषण मामले में सीबीआई की जांच में सजायाफ्ता निलंबित जेई रामभवन व सह आरोपी दिल्ली के इंजीनियर मो. आकिफ के विरुद्ध आईटी एक्ट व संगठित होकर साजिश करने की बात सामने आई थी। जिसमें दोनों के विरुद्ध 31 अक्तूबर 2020 को दिल्ली में मुकदमा दर्ज कराया था। 2021 में न्यायालय में विचाराधीन इस मामले का आरोप तय किए थे। न्यायालय के विचाराधीन मामले में सीबीआई ने 12 गवाहों को मुकदमे में शामिल किया है। इस मामले की सुनवाई न्यायालय में चल रही है।