बांदा। हाथों की मेंहदी भी नहीं छूटी थी कि और शादी के छह दिन बाद ही युवती ने ससुराल में खुद को जिंदा जला लिया। आग की चपेट में घर आने से दहेज का सामान सहित पूरी गृहस्थी जल गई। परिजन घटना की स्पष्ट वजह नहीं बता सके। मायके वालों के हवाले से पुलिस मृतका को मानसिक रूप से अस्वस्थ बता रही है। दो डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया।
मध्य प्रदेश रीवा निवासी पुष्पा (20) की शादी छह दिन पूर्व 26 मई को कमासिन थाना क्षेत्र के किटहाई गांव निवासी राजेंद्र के साथ हुई थी। मंगलवार की रात नवदंपती कमरे में सोने चले गए। बुधवार को तड़के पुष्पा कमरे से बाहर निकल आई और बाहर से कुंडी लगाकर पति को अंदर बंद कर दिया। दूसरे कमरे में जाकर मिट्टी तेल डालकर आग लगा ली। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कुछ देर बाद लपटों ने घर को चपेट में ले लिया।
परिजनों ने कमरे में बंद राजेंद्र को बाहर निकाला और भागकर जान बचाई। आग से पूरा घर और गृहस्थी जल गई। शादी में मिला दहेज का सामान भी आग की भेंट चढ़ गया। ग्रामीणों की मदद से परिजनों ने पानी ढोकर घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुष्पा बुरी तरह जल चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।
मृतका के भतीजे राजाबाबू ने बताया कि पुष्पा की तबीयत खराब थी। आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा। इंस्पेक्टर रामआसरे सिंह ने बताया कि फिलहाल आत्महत्या का ठोस कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। जांच की जा रही है। मृतका की मां, भाई व चाचा के हवाले से बताया कि पुष्पा का मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं था। उसका इलाज चल रहा था।
चौथ की विदाई से पहले उठ गई पुष्पा की अर्थी
शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। चौथी से पहले नव ब्याहता पुष्पा की अंतिम विदाई हो गई। यह नजारा देखकर ग्रामीण महिलाओं की आंखें भी छलक आईं। छह दिन पहले ब्याह कर ससुराल आई पुष्पा की 6 जून को चौथी थी।
उसे लिवाने के लिए मायके वालों को आना था। शादी के बाद की अन्य रस्मों के साथ चौथ की भी तैयारियां चल रही थीं। इसी बीच पुष्पा की आत्महत्या से दोनों घरों में शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।