ओरन। बड़ागांव में चल रही राम कथा शनिवार को सुंदरकांड के साथ समापन हो गया। श्रीराम का तिलक प्रसंग भी सुनाया गया। कथाकार आचार्य व्यास संत कमलदास महाराज ने कहा कि लोगों ने हनुमान जी से कहा कि आप श्रीराम की सेवा के लिए अवतरित हुए हैं। अत: आप उनके काम पूरे करें। इस पर हनुमान ने लंका जाकर रावण को मारने और सीता को वापस लाने की बात कही। इसे सुनकर लोग डर गए। उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया।
संत व्यास ने कहा कि मौजूदा सामाजिक व्यवस्था में कलयुग की मार से बूढ़ा बाप लंगड़ा हो गया है। बेटा अंधा हो गया है। उन्होंने भ्रष्टाचार और आतंकवाद मिटाने के लिए कहा कि ताकत युवा की और दिमाग बुजुर्ग का। जोश जवानी का और होश बुढ़ापे को होना चाहिए।
इस अवसर पर समाजसेवी पीसी पटेल जनसेवक, अजय पटेल, राजीव पटेल, ओमप्रकाश मिश्र, राजेंद्र सिंह, इंद्रप्रभाकर, कन्हैयालाल मिश्र, अंकित यादव, राजकुमार यादव, अरुण सिंह पटेल, वेद प्रकाश पटेल, उदयभान, डा.चंद्रपाल, श्रवण पटेल आदि उपस्थित रहे।
उधर, यहां बिहारी जी मंदिर में शिवरात्रि पर अखंड रामनाम संकीर्तन और रामायण की समाप्ति पर भंडारा आयोजित किया गया। महंत बलरामदास और चेला गोपाल नारायनदास ने आयोजन किया। चेयरमैन योगेश द्विवेदी सहित साकेत बिहारी शिवहरे, शिवदयाल त्रिपाठी, पप्पू लाला, रामस्वरूप सविता, शिवबरन कोटार्य, पप्पू गुप्ता, चुन्नू कुशवाहा आदि शामिल रहे।