बांदा। लोकसभा चुनाव में ‘एक लक्ष्य-90 प्लस’ मतदान अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सार्वजनिक मंच से मिली सराहना के बाद लगातार अभियान और इवेंट में जुटे डीएम हीरालाल का डेढ़ साल के कार्यकाल के बाद शासन ने तबादला कर दिया। अब बांदा के नए जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल नियुक्त किए गए हैं। डीएम हीरालाल अपने खास अंदाज की कार्यशैली को लेकर याद किए जाएंगे। उन्होंने कई जिलाधिकारियों का रिकार्ड तोड़ा।
31 अगस्त 2018 को कार्यभार ग्रहण करने के बाद डीएम हीरालाल ने जोरशोर से लोकसभा चुनाव में 90 फीसदी मतदान का अभियान चलाया। इसकी शोहरत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंची और उन्होंने बांदा में जनसभा में इसे सराहा। इसके बाद डीएम ने जल संरक्षण और संवर्धन की तरफ रुख करते हुए पूरे जिले में कुआं-तालाब जियाओ अभियान छेड़ दिया।
नदियों में पहली बार जल आरती की शुरुआत कराई। पौधरोपण को बढ़ावा देने के लिए धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं को पौध प्रसाद अभियान शुरू किया। शादी-विवाह और अन्य आयोजनों में खुद जाकर लोगों को पौधे बांटे और हरियाली बढ़ाने का आह्वान किया। उनका अंतिम कार्यक्रम कालिंजर महोत्सव रहा। तीन दिनों से कालिंजर में यह धूमधाम से चल रहा है। शनिवार को तबादला आदेश जारी होने के समय भी वह महोत्सव में ही थे।
डीएम हीरालाल 18 माह (डेढ़ वर्ष) यहां रहे। डीएम सुरेश कुमार को छोड़कर पिछले 12 जिलाधिकारियों से उनका कार्यकाल सर्वाधिक रहा। इनके पहले डीपी गिरि, महेंद्र बहादुर सिंह और डा. सरोज कुमार मात्र 7-7 माह डीएम रहे। सुरेश कुमार (22 सितंबर 2014 से 27 मार्च 2016) के पूर्व भी हरेंद्रवीर सिंह, शीतल वर्मा, सत्येंद्र कुमार सिंह, भूपेंद्र एस चौधरी, जीएस नवीन कुमार इत्यादि का कार्यकाल भी इनसे कम रहा।
उधर, शासन द्वारा यहां के लिए नियुक्त किए गए नए डीएम अमित सिंह बंसल इस समय शासन में चिकित्सा शिक्षा विभाग में विशेष सचिव और संजय गांधी पीजीआई में अपर निदेशक पद पर हैं।