बोर्ड परीक्षा पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की शुरुआत के
साथ ही शिक्षक संगठनों ने बहिष्कार भी शुरू कर दिया। मूल्यांकन के पहले दिन
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने मूल्यांकन से अलग रहकर डीआईओएस का
ज्ञापन सौंपा। चंदेल गुट ने भी बायकाट किया। वित्तविहीन माध्यमिक शिक्षकाें
ने आदर्श बरजंग इंटर कालेज में धरना दिया।
संघ जिलाध्यक्ष राम
प्रताप सिंह परिहार और मंत्री देशराज सिंह सहित शिक्षकों ने डीआईओएस को दिए
ज्ञापन कहा कि 30, 31 मार्च और एक अप्रैल को मूल्यांकन का बहिष्कार किया
जाएगा। 31 मार्च को आदर्श बजरंग इंटर कालेज और एक अप्रैल को जीआईसी
मूल्यांकन केंद्रों में धरना दिया जाएगा।
24 अप्रैल को इलाहाबाद
स्थित निदेशालय में धरना प्रदर्शन होगा। ज्ञापन देने वालों में रंगनाथ
पांडेय, पतिराखन सिंह, कालीचरण वाजपेई, देवव्रत पांडेय, संतोष द्विवेदी,
कृष्ण स्वरूप मिश्रा, बलराम तिपाठी, रमेश गौतम, गुरू प्रसाद मिश्रा शामिल
रहे।
उधर, माध्यमिक शिक्षक संघ (चंदेल गुट) भी मूल्यांकन के
बहिष्कार पर अड़ा है। जिलाध्यक्ष आर चंद्रा, संरक्षक आलोक सिंह और मंत्री
उमाशंकर सिंह परमार ने कहा कि तदर्थ शिक्षकों का विनियमतीकरण, वित्तविहीन
टीचरों को मानदेय आदि मांगों के समर्थन में बहिष्कार किया जा रहा है। मंडल
अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, प्रांतीय सदस्य केदार वर्मा, रघुनाथ यादव, मनोज
मिश्रा, अंजनी श्रीवास्तव, विनोद कुशवाहा, प्रदीप श्रीवास्तव, महेंद्र,
दादूराम वर्मा, होतीलाल भी शामिल रहे।
माध्यमिक शिक्षक संघ
(वित्तविहीन गुट) ने भी मूल्यांकन का बहिष्कार किया। जिलाध्यक्ष आसिफ अली
ने कहा कि मानदेय नहीं तो मूल्यांकन नहीं। मानदेय की तिथि निर्धारित न होने
तक आंदोलन चलेगा।
उपाध्यक्ष नंदराम धुरिया व ऋषिकांत द्विवेदी,
संतोष गुप्ता, महामंत्री अकील अहमद, रोहित मिश्रा, रामकृपाल सिंह, रामकृष्ण
वाजपेई, देवेंद्र खरे, अकबर अली आदि शामिल रहे।