लूट के तगड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर पाना मुश्किल नहीं, नामुमकिन सा लगता है। खदान से ट्रक के निकलते ही पल-पल रणनीति बदलती है। तक्का तंत्र जो कि तिकड़ी (आरटीओ, पुलिस और खनिज विभाग) में अपनी तगड़ी घुसपैठ बनाए हुए है। वह मौरंग की लूट को आसान बनाता है। तक्का तंत्र के सक्रिय होने से ट्रकाें के साथ-साथ ट्रैक्टरों से भी अवैध मौरंग ढुलाई का काम शुरू है।
यह तंत्र पल-पल लोकेशन बदलता है। उधर, इसके सक्रिय होने से अधिकारियों ने भी अपनी रणनीति बदली है। पिछले 10 दिन से लगातार ठिकाने बदल-बदलकर गाड़ियां चेक की जा रही हैं, लेकिन सटीक मुखबिरी के चलते असल खेल पकड़ में नहीं आ रहा है। रात के अंधेरे में करोड़ों का खनिज ठिकाने लग रहा है। हालांकि उन्नाव, फतेहपुर, चित्रकूट और बांदा में हो चुकी कार्रवाई से इस बार मौरंग कारोबारी भी काफी सतर्क हैं।
जिले में वर्तमान में 12 खदानें संचालित हैं। इन खदानों से प्रतिदिन मौरंग का परिवहन किया जा रहा है। बांदा से नरैनी बार्डर व महोबा की गाड़ियां निकल रहीं हैं। जिले से प्रतिदिन 500 से 1000 गाड़ियों का परिवहन हो रहा है। मौरंग की लूट में वर्तमान में तक्का तंत्र खासा सक्रिय है। यह कोई और नहीं बल्कि बड़े लोगों के कारिंदे हैं, या यूं कहे कि यस मैन हैं। इनकी सेटिंग क्षेत्रीय थाने से लेकर आरटीओ व खनिज विभाग तक रहती है। मौरंग के अवैध परिवहन को रोक पाने में पुलिस, आरटीओ और खनिज विभाग फेल साबित हो पा रहा है।
मलाईदार थानों मटौंध, पैलानी, नरैनी, गिरवां, बदौसा, चिल्ला की नाक तले यह खेल खूब फलफूल रहा है। पिछले दिनों बदौसा थानाध्यक्ष और आरक्षी के निलंबित किए जाने के बाद तिकड़ी का गठजोड़ सामने आ गया था। तक्का तंत्र के सक्रिय होने से मटौंध के मरौली, पैलानी की सिंधनकलां, बदौसा में तेरा ब, भदावल, चिल्ला में सादीमदनपुर की खदानों से अवैध परिवहन का खेल जमकर खेला जा रहा है। इसके अलावा नरैनी तहसील के गिरवा क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक क्रशर संचालित हैं। जहां से प्रतिदिन ओवरलोड गिट्टी से भरे ट्रक बड़ी संख्या में सड़कों पर दौड़ते हैं। लोकेशनबाजों के इशारे पर यह ओवरलोड वाहन थाने के सामने से बेधड़क गुजरते हैं लेकिन न पुलिस की ओर से कोई रोक-टोक नहीं होती है।
वर्जन
पिछले 10 दिन से लगातार अवैध परिवहन व ओवरलोडिंग को लेकर गाड़ियों की जांच की जा रही है। समय और स्थान बदल-बदलकर चेकिंग की जा रही है लेकिन पिछले 10 दिनों में ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन सामने नहीं आया है। लगातार जांच की जा रही है।
राज रंजन
जिला खनिज अधिकारी, बांदा
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वर्जन
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अवैध ओवरलोडिंग और परिवहन को रोकना आरटीओ का काम है, खनिज वाले मामले में पुलिस, राजस्व, परिवहन की संयुक्त टीम जांच करती है। ओवरलोडिंग या अवैध परिवहन सामने आने पर संयुक्त टीम की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
शिवराज
अपर पुलिस अधीक्षक, बांदा
मौरंग परिवहन में लगे वाहनों में लगेंगे वीटीएस
-अवैध परिवहन को रोकने के लिए खनिज विभाग की तैयारी
-जिले में 1000 वीटीएस मिले, खदानों में भेजा गया
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। खनिज के अवैध परिवहन को रोकने और गाड़ी ने कितने चक्कर लगाए, कहां-कहां गईं को पारदर्शी बनाने के लिए खनिज विभाग ने जिले में संचालित खदानों में परिवहन करने वाले ट्रकों के लिए व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। खनिज विभाग को शासन से एक हजार वीटीएस मिले हैं। इन वीटीएस को खनिज विभाग ने खदानों में भेजा गया है।
जिला खनिज अधिकारी राज रंजन ने बताया कि खदानों में मौरंग परिवहन में लगे ट्रको में अब वीटीएस लगाया जा रहा है। इन वीटीएस के लगने से चेकिंग के दौरान अधिकारियों को यह पता चल जाएगा कि ट्रक ने किस खदान से मौरंग को लोड किया, वह कहां-कहां गई। उसने कितने चक्कर लगाए। इसका पूरा डाटा निकलकर आ जाएगा। इससे ट्रक अवैध परिवहन नहीं कर पाएंगे। हालांकि अभी ट्रक मालिक यह सिस्टम गाड़ियों में लगवाने के लिए राजी नहीं हो रहे हैं, उन्हें लग रहा है कि इससे उनकी गाड़ी का चालान हो जाएगा। उन्हें समझाया जा रहा है। अब बिना व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लगे वाहन को रायल्टी ही नहीं मिलेगी।
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नदी की जलधारा बांधकर बनाया अस्थाई पुल
पैलानी थाना क्षेत्र के खप्टिहाकलां स्थित केन नदी में मौरंग कारोबारियों ने सोमवार की रात भारी मशीनों के माध्यम से केन नदी में अस्थाई पुल बांधकर खनन करने की पूरी तैयारी कर ली। मंगलवार सुबह गांव के गुल्लू तिवारी, राज, लोमस, मुकेश, रामचरण, संदीप, रोहित आदि ने बताया कि मौरंग कारोबारी ने केन नदी की जलधारा को बांधते हुए अस्थाई पुल बना दिया है। आने वाले समय में बड़ी घटना हो सकती है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी जे. रीभा से पुल को ढहाए जाने की मांग की है।
फोटो- 10 मौरंग का परिवहन करता वाहन। संवाद- फोटो : गंध कुटी में पूजा करते थाइलैंड के अनुयायी।
फोटो- 10 मौरंग का परिवहन करता वाहन। संवाद- फोटो : गंध कुटी में पूजा करते थाइलैंड के अनुयायी।