बांदा। सर्दी के बढ़ने के साथ ही श्वांस के रोगियों में इजाफा होने लगा है। ओपीडी और ट्रॉमा सेंटर में प्रतिदिन श्वांस के रोगी आ रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह पर इन्हें भर्ती कराया जा रहा है। श्वांस के रोगियों को आक्सीजन और भाप दिलाने की व्यवस्था की गई है। इनमें ज्यादातर रोगी 40 की उम्र के पार वाले हैं। फिजीशियन डॉक्टरों की ओपीडी के आंकड़ों पर गौर करें तो सामान्य दिनों में ऐसे मरीजों की संख्या आठ-10 के बीच होती है। जबकि सर्दी बढ़ने से इनकी संख्या 30-35 हो गई है। वहीं ट्रॉमा सेंटर में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या 10-15 है।
सर्दी में श्वांस और पेट दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में बुधवार को झील का पुरवा निवासी सीमा (47), जमालपुर गांव निवासी विद्यावती (50), लामा गांव निवासी पान कुमारी (90), खम्हौरा गांव निवासी कल्ली (95) को श्वांस के रोग के चलते भर्ती कराया गया। इनके अलावा बुखार, पेट दर्द, ब्लड प्रेशर और डायरिया से ग्रसित गुरेह गांव निवासी सुर्री देवी (70), गायत्री नगर निवासी पूर्वी (2), अधरौरी गांव निवासी राहुल (18), कालका चौराहा निवासी काजू (8), अलीगंज निवासी शहजाद हुसैन (65), बड़ागांव निवासी सतेंद्र (38), कुशवाहा नगर निवासी राजेश (35), गायत्री नगर निवासी सिराज खान (58), छोटी बाजार निवासी शैलेंद्र जैन (60), आवास विकास निवासी सुमित्रा देवी (65), डीएम कालोनी निवासी धनंजय (15), खाईंपार निवासी शीतल (17) को भर्ती कराया गया है। इन सभी का ट्रामा सेंटर में इलाज किया जा रहा है।
सुबह और शाम को टहलने जाने से करें परहेज
ट्रामा सेंटर में तैनात वरिष्ठ ईएमओ डॉ. विनीत सचान ने बताया कि वर्तमान में श्वांस के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। खासतौर पर बुजुर्गों में यह समस्या आम हो रही है। श्वांस लेने में तकलीफ होना और श्वांस का उखड़ना इसके प्रारंभिक लक्षण हैं। ऐसे मरीज सर्दी से विशेष एहतियात बरतें। गरम ऊनी कपड़े पहन कर रहें। ठंडी और खट्टे खाद्य पदार्थ का सेवन न करें। श्वांस उखड़ने और श्वांस लेने में तकलीफ होने पर डॉक्टर को दिखाएं। डॉक्टर के परामर्श पर ही दवा कराएं। मार्निंग वॉकर सर्दी में मार्निंग वॉक से परहेज करें।
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ब्लड प्रेशर व घबराहट के मरीजों को देखते डॉक्टर। संवाद