बांदा। उफनाए नाले में दो बालक डूब गए। ग्रामीणों ने दोनों को तलाश कर बाहर निकाला। एक को जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। देहात कोतवाली क्षेत्र के जारी गांव निवासी दीपक (12) पुत्र कौशल पाठक गुरुवार को सुबह अपने चचेरे भाई अंचल (12) पुत्र अवधेश पाठक के साथ साइकिल से खेत गया था।
लौटते समय अंचल कीचड़ लगी साइकिल नाले में धोने लगा। इसी बीच पैर फिसल जाने से वह नाले की धार में चला गया और डूबने लगा। उसने बचाने की कोशिश में अंचल भी गहरे पानी में डूब गया। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया तो तमाम ग्रामीण नाले में कूद गए और दोनों की तलाश शुरू कर दी। अंचल को कुछ ही देर में ढूंढ निकाला। आधा घंटे की मशक्कत के बाद दीपक को ग्रामीणों ने नाले से बाहर निकाला। तब तक उसकी सांस थम चुकी थी।
परिजन दोनों को जिला अस्पताल लाए। यहां चिकित्सकों ने दीपक को मृत घोषित कर दिया। अंचल को उपचार के बाद घर भेज दिया गया। मृतक दो भाइयों में छोटा था और छठवीं कक्षा का छात्र था। बालक की मौत से घर में कोहराम मच गया।
चार दिन में चौथी मौत, एक लापता
बांदा। चार दिन के अंदर डूबकर मरने वाले बालकों की संख्या चार हो गई। उधर, बदौसा में बागै नदी में डूबे बालक का दूसरे दिन भी पता नहीं चला। तिंदवारी थाना क्षेत्र के मूंगुस गांव में सोमवार को तालाब में डूबकर प्रमोद उर्फ नंदी (12) पुत्र रजोला यादव, मुकेश (11) पुत्र चंद्रभवन रैदास व संतोष उर्फ काकू (11) पुत्र भोला रैदास की मौत हो गई थी। तीन घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने तीनों शव तालाब से ढूंढ निकाले थे।
बुधवार को मां के साथ मुंबई से ईद मनाने आया टिकुरी दुबरिया (बदौसा) गांव निवासी कैफ (13) पुत्र अब्दुल सत्तार उफनाई नदी में बह गया था। दूसरे दिन गुरुवार को भी ग्रामीणों और पुलिस की खोजबीन के बाद उसका पता नहीं चला। परिजनों को अब उसके जिंदा बचने की उम्मीद नहीं रही। उधर, गुरुवार को जारी गांव में बारिश से उफनाए नाले में डूबकर दीपक (12) की मौत हो गई।
12 घंटे बाढ़ में जूझता रहा साधू
नरैनी। बारिश में उफनाई रंज नदी और गहरा नाला के बीच आश्रम में फंसे साधु को कई घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से बचा लिया। कोतवाली क्षेत्र के खलारी गांव में रंज नदी किनारे प्राचीन देवी मंदिर में साधु कल्लू (70) पूजा पाठ करता है। आश्रम के दूसरी ओर गहरा नाला बहता है।
बुधवार को दोपहर नदी और नाले में उफान से आश्रम पानी में डूब गया। गले तक डूबा साधु दोनों हाथ उठाकर मदद की गुहार लगाता रहा। कुछ साहसी युवकों ने उफनाई नदी में कूदकर साधु को बचाने की कोशिश की। बहाव तेज होने से वह नाकाम रहे। सूचना मिलने पर कोतवाली प्रभारी मुन्ना बाबू निरंजन व करतल चौकी प्रभारी प्रमोद सिंह पुलिस व राजस्व कर्मियों के साथ पहुंच गए। 12 घंटे बाद नाव मंगाकर डूब रहे साधु को आधी रात को बचा लिया गया।