बांदा। भांजे ने हत्या की आशंका जताई तो कोतवाली देहात पुलिस ने 72 वर्षीय किसान का शव आग लगने से पहले ही चिता से उठवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि जमीन को लेकर भांजे ने आरोप लगाया है।
तिलौसा (कमासिन) गांव के रहने वाले अविवाहित राम प्रसाद अपनी बहन के साथ कुलकुम्हारी गांव में रहते थे। शनिवार देर शाम को हालत बिगड़ने पर भांजे रामबली ने जिला अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां देर रात मौत हो गई। परिजन शव घर ले गए और रविवार सुबह कुलकुम्हारी गांव में स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार करने लगे। शव दाह की सभी प्रक्रियाएं पूरी होने पर चिता को आग लगने जा रही थी, तभी कोतवाली देहात पुलिस पहुंच गई और शव को चिता से उठाकर कब्जे में ले लिया।
भांजे रामबली ने बताया कि मामा राम प्रसाद लगभग डेढ़ माह से उनके साथ रह रहे थे। वह बीमार थे। छोटे भाई लालबाबू के हालात पर संदेह जताने से पुलिस ने अंतिम संस्कार रोक दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्थिति साफ होगी
कोतवाली देहात प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश सिंह ने बताया कि राम प्रसाद ने अपनी चार बीघा जमीन रामबली के नाम कर दी थी। इससे छोटा भांजा लालबाबू नाखुश था। इस पर लालबाबू ने हत्या की आशंका जताकर पोस्टमार्टम की मांग की। रिपोर्ट आने पर मौत की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।