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जेल आने वाले अपराधियों का डाटा होगा आनलाइन

Wed, 18 Mar 2015 11:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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मंडल कारागार में निरुद्ध होने वाले हरेक बंदी के अपराधों का ब्योरा अब आनलाइन होगा। सरकार ने इसके लिए ई-प्रिजन व्यवस्था चालू की है। इसके तहत किसी भी अपराधी का डाटा प्रदेश की किसी भी जेल में देखा जा सकेगा।  
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प्रदेश की कई जेलों से अपराधियों के गिरोह चलाने के मामले प्रकाश में आ चुके हैं। यहां मुख्यालय की कारागार पर भी बदनामी का यह धब्बा लग चुका है। बांदा जेल में इन दिनों दस्यु सरगना ददुआ और ठोकिया गिरोहों के अलावा कई खूंखार माफिया सरगना निरुद्ध हैं। इसके अलावा क्षमता से कई गुना ज्यादा बंदी कैद हैं।

हाल ही में जेल अधीक्षक उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर जेल में गैंगवार की आशंका जता चुके हैं। केंद्रीय अपराध ब्यूरो की पहल पर शासन ने प्रदेश की हरेक जेल में ई-प्रिजन व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत अपराधी के जेल में प्रवेश करते ही उसका डाटा अपलोड कर दिया जाएगा।
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इसके अलावा अदालतों में पेशी पर जाने की गतिविधियां भी आनलाइन होंगी। ई-प्रिजन सिस्टम से अंर्तजनदीय और अंतर्रराज्यीय स्तर पर होने वाली घटनाओं में शामिल अपराधियों की पहचान भी जल्दी होगी।

इस बारे में मंडल कारागार, अधीक्षक, एचबी सिंह ने कहा कि ई-प्रिजन सिस्टम के संबंध में जानकारी मिली है। शासन स्तर से निर्देश मिलने के बाद इस पर काम शुरु कर दिया गया है।

नई व्यवस्था में जेल आने वाले हरेक अपराधी का डाटा आनलाइन किया जाएगा। अब कोई भी अपराधी अपनी पहचान नहीं छिपा सकेगा। मंडल कारागार में यह काम लगभग 80 फीसदी पूरा कर लिया गया है।

बांदा जेल में बाहर से आए  कुख्यात बंदी-अपराधी
अनिल दुजाना, सिंहराज भाटी, योगेश भाटी (ग्रेटर नोएडा), शमशेर (बिहार), वसीम कुंजड़ा (हमीरपुर), अजय उर्फ विजय (बनारस), सूबेदार सिंह उर्फ राधे पटेल (ददुआ गिरोह), रोहणी उर्फ तहसीलदार (ददुआ गिरोह), गोटर उर्फ भोड़ा (ददुआ गिरोह), संग्राम सिंह (गैंग डी-4 गिरोह), फूलचंद्र (ठोकिया गिरोह), राजाबाबू (संग्राम सिंह का भाई)।
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