बांदा। देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव करबई निवासी हसीब अली का पत्नी सबीना से दो माह से विवाद चल रहा था। मुंबई से पत्नी को प्रसव के लिए खर्च न भेजने की बात भी पुलिस की जांच में सामने आई है। नवजात अपनी मां के पास पूरी तरह से स्वस्थ बताई गई हैं।
हसीब अली ने पत्नी, सास, साले और निजी अस्पताल प्रबंधन पर नवजात बेटी को महोबा के एक रेलकर्मी को बेचने का गंभीर आरोप लगाया था। पीड़ित ने सिविल लाइन चौकी में प्रार्थना पत्र देकर बेटी को तलाशने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने दोनों पक्षों को चौकी में तलब किया था। प्रकरण में 14 दिनी जांच का आश्वासन दिया था।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि हसीब की बहन की शादी सबीना के भाई आसिम के साथ हुई है और आसिम की बहन सबीना की शादी हसीब के साथ हुई है। हसीब के बड़े भाई हबीब ने बताया कि हसीब और सबीना मुंबई में रह रहे थे। सबीना के गर्भवती होने पर उसे हसीब ने घर भेज दिया था। सबीना ससुराल में न रहकर मायके में रह रही थी।
14 अगस्त को उसके परिजन ने उसे महाराणा प्रताप चौक स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। हसीब के खर्च न भेजने की खुन्नस में सबीना ने अपने ही रिश्तेदार महोबा रेल कर्मी को बच्ची को दे दिया था। यहीं से विवाद शुरू हो गया था। चौकी में पंचायत में सबीना ने पुलिस के सामने हसीब के साथ न रहने की बात कही थी। इस पर हसीब ने अपनी तीनों बेटियों को मांगा था। बाद में पुलिस के समझाने पर वह मान गई थी।
अब नवजात सबीना के पास ही है। सहायक पुलिस अधीक्षक मेविस टॉक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दंपती के बीच आपसी विवाद सामने आया है। दोनों पक्षों से बात की गई है। अस्पताल प्रबंधन से सभी साक्ष्य संकलित किए गए हैं। बच्ची लेने वाले रेल कर्मी को भी हिदायत दी है कि बिना कानूनी प्रक्रिया के वह किसी के भी बच्चे को ऐसे ही भविष्य में न लें।