बांदा। कमासिन के राघवपुर गांव निवासी हरिमन (4) को उल्टी-दस्त आने पर गांव के ही झोलाछाप से इलाज कराया। इससे मासूम की हालत बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर फतेहपुर के अस्पताल पहुंचे। वहां से उसे कानपुर हैलट में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान मंगलवार को सुबह मासूम की मौत हो गई। पिता ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। उन्होंने झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
राघवपुर गांव निवासी पवन ने बताया कि उसके पुत्र हरिमन को छह अप्रैल की सुबह उल्टी-दस्त आने पर दादौंघाट में एक दुकान खोले झोलाछाप को दिखाया था। आरोप है कि झोलाछाप ने तीन बोतल ग्लूकोस चढ़ाकर हाई डोज दिया। परिजन बच्चे को लेकर घर आ गए। घर आने पर उसकी हालत और बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर फतेहपुर अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने बच्चे की हालत देख उसे कानपुर हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। कानपुर के हैलट अस्पताल में हरिमन ने मंगलवार को सुबह दम तोड़ दिया। पिता पवन शव लेकर गांव आए। यहां थाने में सूचना देकर बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया है। कमासिन थानाध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा था। पोस्टमार्टम कराया गया है। तहरीर मिलने पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।