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Banda News: ठिठक गई ठंडक, मानव मन से लेकर पौधे तक लगे कुम्हलाने

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बांदा। इस समय मौसम का मिजाज प्रकृति के अनुकूल नहीं है। नवंबर के पहले सप्ताह तक हल्की सर्दी पड़ने लगती थी, लेकिन इस बार ठंड कहीं ठिठक गई है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल तापमान अधिक दर्ज किया जा रहा है। हालांकि, दिन में हल्की ठंड महसूस की जा रही है, लेकिन अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किए जा रहे हैं। इसका असर मनुष्य से लेकर जीव-जंतुओं की सेहत पर पड़ रहा है। फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। ऐसा ही रहा है तो उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
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जिले में वैसे तो दीपावली के बाद हल्की ठंड का अहसास होने लगा है, लेकिन रात में। दिन गर्म होने की वजह से सर्दी का अहसास भी नहीं हो रहा है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, जिले में रविवार को अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के पहले सप्ताह में सामान्य तापमान अधिकतम 28 और न्यूनतम 15 डिग्री होना चाहिए। इस हिसाब से अधिकतम तापमान सामान्य से दो और न्यूनतम तीन डिग्री अधिक है। इसका मतलब है कि ठंड ने अभी ठीक से दस्तक नहीं दी है। वहीं, पिछले साल साल नवंबर के पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान 27 और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इसका मतलब है कि पिछले साल इस समय तक हल्की ठंड पड़ने लगी थी।
बांदा जिले जैसा ही हाल आसपास के जिलों का भी है। चित्रकूट जिले में रविवार को अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 18 डिग्री दर्ज किया गया। यहां भी सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया गया है। हमीरपुर जिले में अधिकतम 32 और न्यूनतम 18 डिग्री तो महोबा में अधिकतम 33 और न्यूनतम 19 डिग्री दर्ज किया गया है। इन जिलों के आंकड़े बता रहे हैं कि ठंड कहीं ठिठक गई है। लोगों को अभी सर्दी के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, मौसम विभाग 15 नवंबर के बाद ठंड पड़ने का अनुमान जता रहा है।
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बांदा जिला अस्पताल में संचालित ट्रामा सेंटर के ईएमओ डाॅ. विनीत सचान का कहना है कि जैसा मौसम इस समय है इससे बैक्टीरिया में इजाफा होता है। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इसके चलते लोग बीमार होते हैं। इस समय यही हाल है।
वहीं, उप कृषि निदेशक विजय कुमार का कहना है कि नवंबर में बारिश नहीं होने और ठंड नहीं पड़ने से चना, मसूर और गेहूं की फसल की पौध कुम्हलाने लगी है। ज्यादा ठंड नहीं पड़ने से खेतों में इतनी नमी नहीं बची है कि पौध पूरी तरह से तैयार हो सके। फसल को पानी की जरूरत है। बारिश हो नहीं रही और ठंड भी न बढ़ी तो खेतों की नमी खत्म हो जाएगी। इससे फसलों की पैदावार प्रभावित होगी।
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कानपुर की रात सबसे ठंडी

शनिवार को कानपुर में रात सबसे ठंडी रही। न्यूनतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य तापमान है। सबसे अधिक तापमान भी कानपुर जिले में 35.8 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस अधिक बताया जा रहा है।
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प्रमुख शहरों के न्यूनतम तापमान

कानपुर 14.6, लखनऊ 16.8, इटावा 16, वाराणसी 17, प्रयागराज 17.6, अयोध्या 15, मेरठ 14.9 और आगरा में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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