बांदा। यातायात माह में भी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। मंगलवार को सुबह एक अनुबंधित बस पुराने ओवरव्रिज में खराब हो गई और उसे हटाया नहीं गया। दोपहर डेढ़ बजे जैसे ही स्कूली बच्चों की छुट्टी हुई, पूरा शहर भीषण जाम की चपेट में आ गया है। ओवरब्रिज में डीएम की गाड़ी व उनकी फ्लीट, एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही। बच्चे भी तीन घंटे तक बसों में बैठे भूख से बिलबिलाते रहे।
जनपद में एक से 30 नवंबर तक यातायात माह चल रहा है और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को नियमों का पाठ पढ़ाया जा रहा है। यातायात नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं शहर में यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। मंगलवार को सुबह पुराने ओवरब्रिज में कालूकुआं रोड पर एक फतेहपुर जाने वाली अनुबंधित रोडवेज बस खराब हो गई। पुलिस प्रशासन की लापरवाही से इस बस को दोपहर तक नहीं हटवाया गया। दोपहर डेढ़ बजे सेंटमैरी, डीआर पब्लिक स्कूल, बचपन प्ले, लिटिल एंजिल सहित अन्य स्कूलों की छुट्टी हुई तो ओवरब्रिज में भीषण जाम लग गया। इससे कालूकुआं चौराहा से लेकर बाबूलाल चौराहा और इधर, रोडवेज बस स्टैंड तक हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहन फंस गए। बच्चों को लेकर स्कूल से डेढ़ बजे लेकर निकली बसें चार बजे तक ओवरब्रिज में फंसी रहीं।
इसी बीच कालूकुआं की तरफ से जिलाधिकारी नगेंद्र प्रताप सिंह की गाड़ी और उनकी फ्लीट वाहन भी फंस गई। 30 मिनट तक डीएम के फंसे होने से पुलिस और ट्रैफिक पुलिस परेशान रही। करीब पांच बजे वाहन आगे बढ़ सके। इस बीच स्कूली बसों में बैठे बच्चे भूख व प्यास से बेहाल रहे। मरीजों को लेकर जा रही तीन एंबुलेंस भी जाम में फंसी रहीं, डेढ़ घंटे बाद वह निकल सकीं। वहीं फतेहपुर और प्रयागराज, नरैनी की तरफ जाने वाली रोडवेज बसें भी जाम से जूझती रहीं। जनरथ बस से प्रयागराज जा रहे छोटी बाजार के पवन शुक्ला ने बताया कि दो बजे बस में बैठे थे,अब पांच बजने को है, अभी ओवरब्रिज के आगे नहीं बस बढ़ सकी।
लोहिया पुल का रास्ता बंद होने से बढ़ी समस्या
बांदा। बाबूलाल चौराहा से ईदगाह रोड के रास्ते तमाम वाहन बबेरू रोड व बिसंडा रोड निकलते हैं। यहां लोहिया पुल करीब एक सप्ताह पहले खोद दिया गया था,तब से इसे बनाया नहीं गया। इससे यह मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध है। यहां के वाहन गायत्री नगर तिराहा से कालूकुआं के रास्ते शहर में प्रवेश करते हैं। इससे ओवरब्रिज पर दबाव और बढ़ जाता है।