आवास-विकास पार्क में पाकेट मनी से पौधा लगाते स्थानीय बच्चे।
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बांदा। हरित क्रांति के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये उड़ा देने वाले विभागों और संगठनों को चंद मासूमों ने आइना दिखाने की ठानी है। जिस धरती को वन विभाग और अन्य सरकारी संस्थाएं पौधे लगाने के बाद भी हरा-भरा नहीं कर सकीं वहां रोजाना खेलने वाले बच्चों ने अपनी पाकेट मनी से पेड़ लगा दिए हैं। उनकी लगातार देखभाल कर रहे हैं। आवास-विकास कालोनी का पार्क मैदान की तरह पड़ा है। इस पर खेलने वाले बच्चों ने अपनी ाया का इंतजाम अब खुद करने की ठानी है।
बच्चे बताते हैं कि कई बार उन्होंने वन विभाग में काम करने वाले ‘अंकल’ से यहां पौधे लगाने की आरजू-मिन्नत की लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। बच्चों ने अब अपनी पॉकेट मनी से पैसे जुटाकर पौधे खरीदे हैं। खुद के श्रमदान से गड्ढे खोदकर पौधों को लगाया है। इनमें अभिनव, विक्की, सौरभ, राहुल, अनुपम, रोहित, अनुज, अंश, हर्षित, राजवीर, अभय, आशा, महिमा और उदय आदि शामिल हैं।
बच्चों ने बताया कि अभी अशोक प्रजाति के पांच पौधे नर्सरी से खरीदकर लगाए हैं। इन पौधों में पानी कम लगता है। बड़े होने पर छाया ज्यादा मिलती है। सभी पौधों की देखभाल लगातार कर रहे हैं। बच्चों ने कहा है कि वह बड़ों को भी पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करेंगे।