बालू खदाने कानून व्यवस्था के लिए भी चुनौती बनती जा रही हैं। अक्सर यहां फायरिंग और खूनी संघर्ष हो रहे हैं। ताजी घटना में शहर के नजदीक कनवारा गांव के पास केन नदी खदान में देर रात फायरिंग हुई। हालांकि पुलिस इसे पटाखे बता रही है।
शुक्रवार को देर रात नदी के उस पार उजरेहटा गांव की तरफ से कनवारा बालू खदान की तरफ फायरिंग की गई। ग्रामीणाें के मुताबिक खदान से भी जवाबी फायरिंग हुई। खबर मिलते ही शहर कोतवाली और मटौंध पुलिस पुहंच गई।लेकिन कोई हाथ नहीं लगा। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि खदान से बालू का अवैध खनन करने पहुंचे लोगों ने पहले फायरिंग की।
जवाब में कनवारा घाट से भी फायरिंग हुई। एएसपी ने भी मौका मुआयना किया। कोतवाली प्रभारी रनवीर सिंह का कहना है कि सब्जी की बारी लगाए लोगों ने वनरोज और जंगली सुअर को भगाने के लिए पटाखे दागे थे।
उधर, मटौंध थानाध्यक्ष ने भी कमोवेश यही बताया। उधर, खदान और गांव में दिन भर गोलीकांड की चर्चा रही। कुछ अरसे पहले कनवारा घाट में बालू ठेकेदारों और ग्रामीणों में जमकर फायरिंग हुई थी। एक मौत हो गई थी। वहां बनीं झुग्गी झोपड़ियां आग के हवाले कर दी गई थीं। पुलिस ने इस मामले में ग्राम प्रधान को भी गिरफ्तार किया था। इसी तरह पथरिया खदान में भी कुछ अरसे पहले फायरिंग हुई थी।