बांदा। नगर पालिका कार्यालय के बंद कमरों में धूल खा
रहे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के राशन कार्ड बंटने लगे। पालिका
कर्मियों ने इनकी छंटाई और मोहल्लों में वितरण शुरू कर दिया। शनिवार को अमर
उजाला में खबर प्रकाशन के बाद यह काम शुरू हुआ।
पहली जनवरी से
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना लागू हो गई है। पूरे जनपद में बीपीएल, एपीएल
और अंत्योदय मिलाकर कुल 3,69,141 राशन कार्ड हैं।
इनमें 1,10,325
राशन कार्डों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल किया गया है।
शहरी क्षेत्र में इन कार्डों की संख्या 26,763 है। मुख्यालय बांदा शहर में
योजना के नए कार्डों को बांटने का जिम्मा नगर पालिका को दिया गया है, लेकिन
पालिका कर्मी इन कार्डों को अपने कमरों में कैद किए रखे थे।
शनिवार
को अमर उजाला में धूल खा रहे कार्डों की फोटो सहित खबर छपने के बाद पालिका
कर्मियों ने कार्डों की छंटाई और वितरण का काम शुरू कर दिया।
हालांकि
पहले दिन कुछ ही संख्या में कार्ड बांटे गए। कार्ड वितरण के प्रभारी संजीत
कुमार ने बताया कि एक हफ्ते में सभी कार्ड बंट जाएंगे।
उन्होंने
कहा कि फीडिंग गलत होने से कार्ड वितरण में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
अधिशासी अधिकारी ने इस काम में आपूर्ति विभाग के सहयोग के लिए जिला पूर्ति
अधिकारी को पत्र भेजा है।