बांदा। बाइक चलाते समय हेलमेट लगाने के लिए विभिन्न धर्मों के गुरु भी लोगों को प्रेरित करने के लिए आगे कदम बढ़ाए हैं। अभियान से जुड़कर पंडित, मौलवी और पादरी और गुरुद्वारा प्रमुख ने कहा कि लोग हेलमेट को मजबूरी न समझें। सुरक्षित जीवन के लिए यह बेहद जरूरी है।
पुलिस विभाग के पिछले महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बाइक दुर्घटना से मौतों में अधिकांश की वजह हेलमेट न लगाना रहा है। बिना हेलमेट के बाइक चलाने और दुर्घटना होने पर हेडइंजरी के चलते मौत की घटनाओं को रोकने के लिए अमर उजाला द्वारा चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा धर्म गुरु भी बन रहे हैं।
केवटरा निवासी ज्योतिषाचार्य पंडित उमाकांत त्रिवेदी ने इस अभियान को सराहा। उन्होंने कहा कि जिस तरह खराब गृह नक्षत्रों को शांत करने व उनसे निपटने के लिए लोग यज्ञ, हवन-पूजन को अनिवार्य मानते हैं। ठीक वैसे ही हादसों में मौतों की संख्या कम करने के लिए हेलमेट भी अनिवार्य है। बड़े भाग्य मानुष तन पावा, सिर दुर्लभ सुर ग्रंथन गावा चौपाई सुनाते हुए कहा कि मानव का जन्म दुर्लभ है। यदि थोड़ी सी सावधानी (हेलमेट लगाकर) जीवन सुरक्षित हो रहा है तो इसमें पीछे नहीं होना चाहिए।
शहर काजी मेराज मसूदी (अकील मियां) बढ़ते हादसों में हो रही मौतों पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि बढ़ते वाहनों के चलते इस समय ऐसे अभियान की जरूरत है। उन्होंने सभी से बाइक चलाते समय हेलमेट लगाने का आग्रह किया। साथ ही कहा कि जीवन बेहद कीमती है। इस पर लापरवाही बिल्कुल न करें।
गुरुद्वारा कमेटी के भगत अमर लाल ने बताया कि गुरु गोविंद सिंह जी ने भी जीवन बचाने वाले को सबसे बड़ा दर्जा दिया है। कहा कि हेलमेट की इस मुहिम के भागीदार बनकर खुद को खुशकिस्मत समझ रहे हैं। अब खुद भी हेलमेट लगाकर निकलेंगे और परिजनों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। संकट मोचन मंदिर के महंत भोले महराज ने कहा कि होनी को कौन टाल सकता है, पर यदि हम जरा सावधानी बरते हैं तो लूला-लंगड़ा व अपाहिज होने से बच सकते हैं। इसलिए वह सभी भक्तों से बाइक चलाते समय हेलमेट लगाने का आग्रह कर रहे हैं।