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बैंक का नोटिस देख किसान का हार्ट फेल

Thu, 03 Nov 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
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बैंक नोटिस की स्कैन कापी - फोटो : amarujala
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 कर्जदार किसान की मौत के बाद उसके युवा बेटे की भी जान कर्ज के सदमे ने ले ली। बैंक का नोटिस देखकर किसान का हार्टफेल हो गया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। एसडीएम ने नोटिस से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि इसकी वे जांच कराएंगे।
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घटना बबेरू तहसील के बेलदान गांव की है। यहां के तीन बीघा जमीन के काश्तकार दलित रामआसरे पुत्र कल्लू ने कई साल पूर्व इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की भदेहदू गांव स्थित शाखा से किसान किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये 40 हजार रुपये कर्ज लिया था, लेकिन वह अदा नहीं कर सका। दो साल पूर्व उसकी मौत हो गई, लेकिन बैंक का कर्ज बरकरार रहा। अब बैंक ने मृतक किसान के पुत्र सत्यनारायण उर्फ मुन्ना पर वसूली का दबाव शुरू कर दिया। कर्ज के निपटारे के लिए बैंक ने यह मामला इसी माह 12 नवंबर को बांदा में लग रही मेगा लोक अदालत में शामिल कर दिया।
मंगलवार (पहली नवंबर) को सत्यनारायण उर्फ मुन्ना (40) को बैंक से नोटिस मिला। इसमें 72,034 रुपये का कर्ज बकाया दिखाया गया है। नोटिस में कहा गया कि 12 नवंबर को लोक अदालत में उपस्थित होकर कर्ज का निस्तारण कराएं। मुन्ना के पड़ोसी और स्वजातीय रामखेलावन ने बताया कि नोटिस देखकर मुन्ना को दिल का दौरा पड़ गया। घर वाले उसे लेकर ओरन ले जा रहे थे। रास्ते में मुन्ना ने दम तोड़ दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी सहित तीन पुत्रियां छोड़ गया है। इसमें 20 वर्षीय पुत्री पुष्पा शादी योग्य है। उसकी भी चिंता उसे सता रही थी। मृतक के नाम पिता से बंटवारे में मिली डेढ़ बीघा जमीन थी। दैवी आपदाओं के चलते कई साल से फसल न होने से कर्ज की अदायगी नहीं हो पाई।
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उधर, इस बारे में एसडीएम सुरेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि उन्होंने लेखपाल को जांच के लिए भेजा था। लेखपाल ने बताया कि किसान मुन्ना के पेट में दर्द था। बैंक के नोटिस के बारे में एसडीएम ने अनभिज्ञता जताई। कहा कि इसकी जांच कराएंगे। बताया कि हो सकता है 12 नवंबर को लगने वाली मेगा लोक अदालत में निस्तारण के लिए बैंक ने नोटिस भेजा हो। एसडीएम ने कहा कि मृतक के परिजन शव के पोस्टमार्टम को राजी नहीं हुए।

बैंक ने नोटिस दी है तो कराई जाएगी जांच
प्रभारी डीएम गंगाराम गुप्ता ने कहा है कि मृतक किसान को लोक अदालत में शामिल होने का नोटिस दिया गया था, वसूली का नहीं। फिर भी जांच कराई जाएगी। अगर बैंक वालों ने ऐसा कोई नोटिस दिया है तो उन पर यथोचित कार्रवाई की जाएगी। कहा कि मृतक किसान के परिजनों को नियमानुसार सरकारी मदद देने के लिए बबेरू एसडीएम और तहसीलदार को निर्देश दिए गए हैं।

स्वराज पैंथर ने जताया विरोध
बैंक वसूली के नोटिस से किसान की मौत पर राष्ट्रीय स्वराज पैंथर के बुंदेलखंड अध्यक्ष राजबहादुर सिंह भारतीय ने कड़ा विरोध जताया है। कहा कि एक तरफ प्रदेश और केंद्र सरकारें बुंदेलखंड के किसानों से हमदर्दी जता रही हैं, वसूली पर रोक बताई जा रही है। दूसरी तरफ किसानों को नोटिस दिया जा रहा है। बेलदान गांव में बैंक के नोटिस से पड़े दिल के दौरे से किसान सत्यनारायण उर्फ मुन्ना की मौत हो गई। उसके आश्रितों को आर्थिक मदद देकर कर्ज माफ किया जाना चाहिए।
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