शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में बीएड का अंकपत्र प्रमाणित न होने पर दर्जनों अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित कर दिए गए। अंकपत्र की डाउनलोड की गई प्रति भी नहीं मानी गई। परीक्षार्थी अधिकारियों से आरजू-मिन्नत करते रहे, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। दूरदराज से आए कई महिला-पुरुष परीक्षार्थी रो पड़े।
परीक्षा केंद्र, डीएवी कालेज में शालिनी देवी परीक्षा देने के लिए होशंगाबाद (एमपी) से आई थी। वह मूलरूप से जनपद के खुरहंड गांव की रहने वाली है। उसके पास अंकपत्र की फोटो कापी थी। लेकिन परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक और अन्य अधिकारियों ने इसे नहीं माना और उसे परीक्षा नहीं देनी दी। डीएवी परीक्षा केंद्र में ही बबेरू से आई श्वेता गुप्ता बीएड के अंकपत्र की डाउनलोड की गई प्रति लिए थीं, लेकिन यह सत्यापित न होने पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया।
डीआईओएस से फरियाद की, लेकिन उन्होंने यह कहकर हाथ खड़े कर दिए कि परीक्षा की सुचिता का सवाल है। खानकाह इंटर कालेज परीक्षा केंद्र में नरैनी से आई रोशनी बीएड का अंकपत्र न होने पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। वह भागकर कैफे में गई और अंकपत्र डाउनलोड कापी लेकर आई, लेकिन तब भी केंद्र व्यवस्थापक ने कापी सत्यापित न होने की बात कहकर वापस कर दिया। इसी तरह जेएन डिग्री कालेज में बिलगांव (बिसंडा) गांव से आए रमेश की कापी सत्यापन न होने पर परीक्षा से वंचित कर दिया गया। उसने इसकी शिकायत फोन पर डीएम से भी की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
डीएम, एसपी ने किया परीक्षा केंद्र का निरीक्षण
बांदा। जिलाधिकारी हीरा लाल व एसपी एस.आनंद ने कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डिग्री कालेज में शिक्षकों को निर्देश दिए कि प्रवेश पत्र, बीएड प्रमाणपत्र को भलीभांति चेक करने के बाद ही इंट्री दी जाए। जीआईसी, जीजीआईसी, डीएवी इंटर कालेज, आदर्श बजरंग इंटर कालेज, खानकाह इंटर कालेज, राजीव गांधी डीएवी महाविद्यालय आदि का भी निरीक्षण किया। इसके अलावा परीक्षा के नोडल अधिकारी/एडीएम संतोष बहादुर ने भी परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। डीआईओएस हिफजुर्रहमान व बीएसए हरिश्चंद्रनाथ के नेतृत्व में बने उड़नदस्तों ने परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। कोई नकलची नहीं मिला।