ट्रैक पर धरना दिए बुंदेलखंड के किसान।
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बांदा। बुंदेलखंड किसान यूनियन ने एक बार फिर प्रशासन और पुलिस को जमकर छकाया। किसानों के मुद्दे पर धरना-प्रदर्शन के आंदोलन में प्रशासन की अनदेखी पर किसानों का पारा चढ़ गया। रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर लिया। पुलिस ने लाठियां भांजनी चाहीं तो जवाब में रेल लाइन की गिट्टियां पुलिस पर चला दीं। हालात बिगड़ते देख पुलिस अधिकारी तुरंत बैकफुट पर आ गए। अंतत: किसान नेता नरैनी तहसील के एक लेखपाल का निलंबन आदेश जारी कराने के बाद मान गए और आंदोलन खत्म कर दिया।
शुक्रवार को किसान यूनियन के आह्वान पर सैकड़ों किसान कलेक्ट्रेट के पास एकत्रित हुए। यहां दोपहर तक धरना चला। राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा समेत चित्रकूटधाम मंडल से आए किसान नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों को जमकर कोसा। प्रशासन को भी किसानों का विरोधी बताया। दोपहर बाद किसानों का हुजूम कमिश्नर कार्यालय कूच कर गया। हुजूम में बड़ी संख्या में महिलाएं भी थीं। सैकड़ों किसान लाठियों से लैस थे। आयुक्त कार्यालय में पहले से ही बड़ी संख्या मे रंगरूट पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए थे। यहां अपर आयुक्त ने ज्ञापन लेना चाहा तो किसान नेताओं ने मना कर दिया। वह कमिश्नर को देना चाहते थे। कमिश्नर के न मिलने पर किसानों का हुजूम रेलवे स्टेशन आ गया और ट्रैक पर धरना देकर ट्रेनों का आवागमन रोक दिया। महोबा की तरफ से आ रही मालगाड़ी को क्योटरा क्रासिंग के पास खड़ा कर दिया। चित्रकूट की तरफ से आई ट्रेनों को भी स्टेशन से पहले रोक दिया गया। शहर में क्योटरा क्रासिंग घंटों बंद रहने से आवागमन ठप रहा। राहगीर परेशान उठे।
देर तक पटरियों पर कब्जा जमाए किसानों को हटता नजर न आने पर पुलिस ने उन पर डंडे चलाना शुरू कर दिए। किसान भड़क उठे और रेल पटरियों की गिट्टियां उठाकर पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख क्षेत्राधिकारी प्रभात कुमार ने तुरंत पुलिस को रोक दिया। उधर, किसान नेताओं ने समूची पुलिस फोर्स को रेल परिसर से बाहर करने की मांग की। वरना गंभीर परिणाम की चेतावनी दी। हालात बिगड़ने से बचाने के लिए अधिकारी बैकफुट पर आ गए और सैकड़ों की तादाद में मौजूद पुलिस कर्मियों को बाहर कर दिया। इस बीच पुलिस ने कुछ किसानों को बल पूर्वक रेल पटरी से हटाया। एडीएम गंगाराम गुप्ता ने किसान नेता श्रवण तिवारी से डीएम की फोन पर बात कराई। किसान नेता ने नरैनी तहसील के लेखपाल भानु प्रताप चतुर्वेदी के कामों से बुरी तरह खफा थे। प्रमुख मांगों में उसके निलंबन की भी मांग शामिल थी। डीएम के निर्देश पर नरैनी एसडीएम ने तत्काल लेखपाल भानु प्रताप को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। इस आदेश की प्रति हाथ में मिलने के बाद किसान नेताओं का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने धरना खत्म कर दिया। सिटी मजिस्ट्रेट आरके श्रीवास्तव, प्रभारी निरीक्षक केपी सिंह भी मौजूद रहे। उधर, किसान नेताओं में प्रदेश संरक्षक अरुण कुमार गौतम, प्रदेश प्रभारी गणेश, राजेश कुमार (जिलाध्यक्ष बांदा), सुल्तान भाई, मंडल अध्यक्ष अनिल शास्त्री, रानू जी, डा.धेनूपाल, लक्ष्मीकांत चौरिहा सहित बाला प्रसाद (चरखारी), रामआसरे पहलवान (मौदहा) आदि शामिल रहे। पूरे दिन किसान आंदोलन चलता रहा।