बांदा। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में परीक्षार्थियों को 600 वैकल्पिक उत्तरों में 150 सही जवाब तलाशने में ठंड में भी पसीने छूट गए। मात्र ढाई घंटे में उन्हें प्रश्नपत्र हल करना था। मंडल मुख्यालय बांदा के 14 कालेजों में दो पालियों में हुई परीक्षा में 686 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। 12,290 ने परीक्षा थी।
बुधवार को पुलिस और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच मंडल मुख्यालय में आयोजित टीईटी में बांदा समेत पड़ोसी जनपदों और सीमावर्ती मध्य प्रदेश के जनपदों से भी परीक्षार्थी शामिल हुए। पहली पाली में प्राथमिक परीक्षा में 150 प्रश्न थे। इन सभी के 4-4 वैकल्पिक उत्तरों में से कोई एक दुरुस्त उत्तर परीक्षार्थियों को तलाशना था। परीक्षा अवधि ढाई घंटा थी। लगभग 30 पृष्ठीय प्रश्नपत्र हिंदी, संस्कृत, उर्दू और भाषाओं में था। परीक्षार्थियों को कोई भी एक भाषा चयनित करने का विकल्प दिया गया था।
उत्तर ओएमआर सीट पर लिए गए। प्रत्येक प्रश्न के लिए एक अंक निर्धारित था। सामान्य ज्ञान, गणित, शिक्षा, बाल विकास, पर्यावरणीय अध्ययन विषयों पर प्रश्न आधारित थे। पहली पाली में सभी 14 केंद्रों में परीक्षा हुई। दूसरी पाली में मात्र 6 कालेजों में परीक्षा हुई। दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक कक्षाओं के लिए परीक्षा थी। डीएम हीरा लाल ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
जेएन डिग्री कालेज में कक्षों में अंधेरा और घड़ी की व्यवस्था न होने की शिकायत परीक्षार्थियों ने की। डीएम ने नाराजगी जताते हुए हरेक कमरों में 2-2 घडिय़ां और रोशनी की व्यवस्था के निर्देश दिए। बारिश के दौरान बादल से अंधेरा और बढ़ा हुआ था। निरीक्षण के दौरान प्राचार्य डा.नंदलाल शुक्ला भी उपस्थित थे।
नोडल अधिकारी/डीआईओएस विनोद कुमार ने बताया कि पहली पाली में 8585 पंजीकृत में 8127 अभ्यर्थी उपस्थित और 458 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में 4391 पंजीकृत परीक्षार्थी में 4163 ने परीक्षा दी। 228 ने परीक्षा छोड़ दी। सभी केंद्रों में पुलिस सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
टीईटी पेपर देने के बाद बाहर निकलते परीक्षार्थी।- फोटो : BANDA
जेएन कालेज में टीईटी के लिए प्रवेश करतीं महिला अभ्यर्थी।- फोटो : BANDA