बांदा। सह योग प्रशिक्षण शिविर रविवार को खत्म हो
गया। 25 दिवसीय यह शिविर लगभग 100 घंटे चला। रोजाना योग प्रशिक्षण दिया
गया। लगभग 78 लोगों ने प्रशिक्षण हासिल किया।
इनके मूल्यांकन के
बाद सभी को सफल घोषित किया गया। 26 अक्तूबर से दूसरे स्थान पर योग कक्षाएं
चलाईं जाएंगी। उधर, दर्जन भर लोगों ने परीक्षा परिणाम को धोखा बताया है।
भारत
स्वाभिमान न्यास के जिला प्रभारी डा. बीडी प्रजापति, पतंजलि योग समिति
अध्यक्ष/परीक्षा व प्रशिक्षण प्रभारी अशोक शुक्ला, समिति सदस्य आरपी
याज्ञिक, बीके सिंह, विश्राम सिंह आदि ने संयुक्त हस्ताक्षरों से बताया कि
शिविर का समापन कृषि विश्वविद्यालय कुलपति डा. एसएल गोस्वामी ने किया।
कुल
सचिव देवीदास भी उपस्थित थे। प्रशिक्षण में सफल हुए प्रतिभागियों को बताया
गया कि तीन दिन बाद जिला समिति मूल्यांकन करेगी। 90 दिन की कक्षाओं का
जिला समिति निरीक्षण करेगी। इन्हीं प्रशिक्षार्थियों को पांच दिवसीय
प्रशिक्षण के लिए हरिद्वार भेजा जाएगा।
समापन मौके पर संचालक
शिवनारायण साहू सहित बिंदु कुमार सिंह, सजल रेंडर, रेखा सिंह गौर, घनश्याम
सिंह, गजराज प्रजापति, प्रदीप सिंह राठौर आदि उपस्थित रहे।
उधर, एक
दर्जन से ज्यादा लोगों ने सामूहिक हस्ताक्षरों से पतंजलि योग पीठ अध्यक्ष
को दिए पत्र में प्रशिक्षण परीक्षा परिणामों पर आपत्ति जताई। कहा कि
कापियों के मूल्यांकन बगैर परिणाम घोषित कर दिया गया। एक ही परिवार के चार
सदस्यों को टाप-10 में शामिल किया गया है।
मूल्यांकन अपारदर्शी है
और धोखा हुआ है। 1150 रुपये शुल्क लेकर हरिद्वार भेजने और राष्ट्रीय स्तर
का प्रमाण पत्र देने की बात कही गई थी। शिकायतकर्ताओं में सत्यम मिश्रा,
आशीष त्रिवेदी, शुभम त्रिपाठी, मनोज कुमार, प्रीति अवस्थी, अपर्णा गौर,
मनीष गुप्ता, गायत्री सिंह, शोभा, श्रीकृष्ण, प्रीतम, अमर सिंह आदि शामिल
हैं।