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Banda News: अधिवक्ताओं के दोनों गुटों में तनाव, पुलिस तैनात

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कचेहरी में तैनात पुलिस।  - फोटो : संवाद
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बांदा। जिला अधिवक्ता संघ ने कक्ष आवंटन का मामला सुलझाने के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। हालांकि अभी भी मारपीट को लेकर दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। कचहरी परिसर में अभी भी पुलिस फोर्स तैनात है।
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अधिवक्ता कक्ष आवंटन मामले में मंगलवार को हुई मारपीट के बाद जिला अधिवक्ता संघ ने बुधवार को आमसभा की बैठक बुलाई थी, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि मामले को सुलझाने के लिए कमेटी का गठन किया जाए। अध्यक्ष द्वारिकेश मंडेला का कहना है कि पूर्व अध्यक्षों की 16 सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। कमेटी एक सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट देंगी। आम सभा की बैठक में दोनों पक्षों को सामने बैठाकर समझाने का प्रयास किया जाएगा, जो सही होगा वहीं होगा।
उधर, पूर्व बार संघ अध्यक्ष अशोक दीक्षित का कहना है कि अध्यक्ष खुद धोखाधड़ी व जानलेवा हमले के आरोपी हैं, लिहाजा उन्हें बैठक बुलाने व कमेटी गठित करने का कोई अधिकार नहीं है। बार काउंसिल की कक्ष आवंटन की जांच, पुलिस की विवेचना को प्रभावित करने व आरोपियों को बचाने का यह कुचक्र है।कमेटी में जिन लोगों को रखा गया है उनमें पूर्व अध्यक्ष उमाशंकर, शर्मा, शिवनायक सिंह, राजाभइया मिश्रा, जागेश्वर यादव यह सब साजिशकर्ता है। अध्यक्ष खुद आरोपी है जिन्होंने जांच के बिंदु सिर्फ अपने फेवर में रखे है। इसकी जानकारी उन्होंने इल्डर्स कमेटी को दे दी है।
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कहा कि मामला बार काउंसिल व न्यायालय तक पहुंच गया है तो वहीं से सुलझेगा। यदि कमेटी न्यायसंगत काम करती है तो उनके निर्णय पर विचार किया जा सकता है। इसे मानने के लिए वह कतई बाध्य नहीं है। अदालत को छोड़कर बार संघ अध्यक्ष को कक्ष आवंटन के एग्रीमेंट निरस्त करने का अधिकार नहीं है। उधर, मारपीट को लेकर दोनों पक्षों में अभी भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। सीओ राजीव प्रताप का कहना है कि दोनों पक्षों से रिपोर्ट दर्ज है।
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