इंजेक्शन लगाते ही बालक की मौत हो गई। परिजनों ने हंगामा करते हुए डॉक्टर पर गलत इलाज व लापरवाही का आरोप लगाया। काफी देर बाद पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया। उधर, बुखार से जिला अस्पताल में आधा दर्जन ज्यादा मरीजों को भर्ती कराया गया है।
नरैनी कोतवाली क्षेत्र के शुकलन टोला निवासी रामबहोरी का 15 वर्षीय पुत्र पवन कुमार चार दिनों से बुखार से पीड़ित था। गांव में निजी क्लीनिक खोले डॉक्टर इलाज कर रहा था। शनिवार की शाम तबियत ज्यादा बिगडने पर डॉक्टर के पास ले गए। वहां डाक्टर के इंजेक्शन लगाते ही उसकी हालत बिगड़ गई और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने डाक्टर पर गलत इलाज का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरु कर दिया। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत किया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने कहा कि वह थाने में डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तहरीर देंगे। उधर, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पंकज पांडेय ने बताया कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
उधर, बुख्रार से पीड़ित देहात कोतवाली का लक्ष्मण (17) मर्का की सुनीता (19), इसी गांव का अखिलेश (14), जारी गांव में सुमन (21) सैमरी गांव का अर्जुन (5), तिंदवारा का अब्दुल (10), मटौंध की फूलमती (18), बिसंडा में रामकुमार (25) समेत करीब आधा दर्जन से अधिक बुखार से ग्रसित मरीजों को भर्ती किया गया है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.आर के गुप्ता ने बताया कि मौसम के बदलने से बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिसमें बच्चों की संख्या अधिक है। बाहर का खान-पान पर परहेज करने को कहा है।