ईंट पाथने के लिए सुरंगनुमा गड्ढे में मिट्टी खोदते समय टीला ढह जाने से पिता-पुत्र मिट्टी में दफन हो गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को मिट्टी से बाहर निकाला। पांच वर्षीय पुत्र की मौत हो गई और पिता बुरी तरह घायल हो गया। उसे सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया। उधर, परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना बालक का अंतिम संस्कार कर दिया।
घटना बिसंडा थाना क्षेत्र के बाघा गांव की है। रविवार को सुबह यहां इंद्रपाल (40) अपने पांच वर्षीय पुत्र प्रदीप के साथ ईंट पाथने के लिए गांव के नजदीक मिट्टी खोद रहा था। लगातार हो रही खुदाई से गहरी सुरंगनुमा बन गई थी। अंदर घुसकर मिट्टी खोदते समय ऊपर की पूरी मिट्टी ढह गई। इंद्रपाल और उसका पुत्र प्रदीप दब गए।
मासूम पुत्र ने मलबे में दबी अवस्था में ही दम तोड़ दिया। उधर, पिता के जिस्म में गंभीर चोटें आईं। कई हड्डियां टूट गईं। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर बालक का अंतिम संस्कार कर दिया। जिला अस्पताल में भर्ती इंद्रपाल ने बताया कि मजदूरी के साथ-साथ वह अपनी ढाई बीघा जमीन में खेती भी करता है। मृतक तीन बच्चों में छोटा था। उधर, बिसंडा थानाध्यक्ष प्रकाश यादव ने घटना के विषय में अनभिज्ञता जताई है।