बांदा। शहीदाने कर्बला की याद में मनाए जाने वाले मुहर्रम की 10वीं को शहर के सभी 152 इमामबाड़ों से मातमी धुनों के बीच ढाल सवारियां व ताजिया निकाले गए। यह अपने परंपरागत मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचे। यहां ताजियों को सुपुर्द ए खाक किया गया। उधर, मुहर्रम की नौवीं को शहर के इमामबाड़ों में अलाव का मंजर आम रहा। अकीदतमंदों ने दहकते अंगारों को फूलों की तरह उछालकर याद ए हुसैन मनाई।
बुधवार को 10वीं के दिन शहर के सभी इमामबाड़ों से ढाल सवारियां, अलम और ताजिया जुलूस निकाले गए। जुलूस अपने-अपने परपंरागत मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचे। यहां अकीदतमंदों का भारी हुजूम इकट्ठा रहा। उधर, देर शाम सुप्रसिद्ध रामा के इमामबाड़े से ढाल सवारी निकाली गई। चांदी के नीबू से सजी यह ढाल सवारी आकर्षण का केंद्र रही। शहर के क्योटरा मोहल्ले में पैतरा खेला गया। शहर की कटरा रोड और कर्बला मोहल्ला अकीदतमंदों से भरा रहा। दोपहर तीन बजे करीब पूर्वी कोठी से शिया समुदाय के लोगों ने अलम जुलूस निकाला। उधर, मुहर्रम की नौवीं को शहर के इमामबाड़ों में अलाव का मंजर आम रहा। अकीदतमंदों ने दहकते अंगारों को फूलों की मानिंद उछालकर फेंका।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी ताजिया जुलूस, कर्बला में हुए ठंडे
बबेरू/ नरैनी/ पैलानी/ कालिंजर/बिसंडा /कमासिन/पपरेंदा। ग्रामीण क्षेत्रों में मुहर्रम की 10वीं को ढाल-ताजिया जुलूस निकाले गए। मातमी धुन में कस्बे में जुलूस निकाला गया। बबेरू में मुहर्रम की 10वीं को इमाम हुसैन की याद में ताजिया जुलूस निकाला गया। इमामबाड़े से होकर कस्बे के विभिन्न मार्ग से होते हुए आम चौराहे में मिलाप हुआ। कर्बला में जाकर ताजियों को दफन किया गया। इस मौके पर कमेटी के पदाधिकारी सहित तमाम मुस्लिम भाई इकट्ठा रहे। हरदौली, गौरी खानपुर आलमपुर, बगेहटा ,सिमौनी पतवन, औगासी में भी मुहर्रम पर ताजिया निकले। इस मौके पर सीओ राजवीर सिंह, एसडीएम नमन मेहता, कोतवाली प्रभारी राजकुमार सिंह, कस्बा इंचार्ज तुषार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
नरैनी में ढाल-ताजिया जुलूस निकाले गए। इनको गुरुवार को सुपुर्द ए खाक किया जाएगा। इस मौके पर एमए हादी नियाजी, मोहम्मद सिराज, सोनू, इरफान अली आदि ने लंगर लुटाए। त्योहार में हिन्दू -मुस्लिम दोनों समुदाय के लोगो ने शिरकत की। बिसंडा में छह ताजिया बनाए गए। अतर्रा-बांदा रोड चौराहे पर थाने के बगल में इकट्ठा हुई ताजियादारों ने ताजिया निकालकर रात 10 बजे दफनाया।
नगर पंचायत अध्यक्ष आशा ने सफाई कराई। पैलानी तहसील के खप्टिहा कलांं, पैलानी, सबादा आदि गांव में ढोल ताशों के बीच ताजिए निकाले गए। एसडीएम शशिभूषण मिश्र ने पीर दिया बानी बाबा पैलानी, शादी मदनपुर, सबादा आदि गांव में पहुंचकर ताजिया दारों से बातचीत की। खप्टिहा कलांं स्थित कटरा मस्जिद से ताजिया दारों ने ढोल ताशा के बीच ताजिया का जुलूस निकाला। यह जुलूस केन नदी पहुंचा।
जुलूस के साथ मोहम्मद नबी, फखरुद्दीन, कमरुद्दीन, शमसुद्दीन आदि शामिल रहे। कालिंजर कस्बे में मुहर्रम पर ढोल ताशे के बीच पूरे गांव में ताजिया एवं कदीमी निकाली गई। रात्रि में तीन जगहों पर अलग-अलग स्थानों पर आग के अंगारों से अलाव खेला गया। तिंदवारी में पूरे एहतराम के साथ मुहर्रम मनाया गया। आसपास गांव के लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। या अली या हुसैन का नारा देर शाम तक गूंजता रहा।
जुलूस में मुहर्रम कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद साबिर अय्यूब कुरैशी,याकूब खान ,बुल्लू अली, लाल मिर्जा ,शकील उस्ताद, रज्जब उस्ताद , थाना अध्यक्ष राधा कृष्ण तिवारी आदि मौजूद रहे। कमासिन में 10वीं मुहर्रम को ताजिया निकाली गई। भीम आर्मी पार्टी के संयोजक अमरनाथ वर्मा की अगुवाई में कार्यकर्ताओं द्वारा पुराने थाने के पास शरबत-पानी की व्यवस्था की। पपरेंदा में मुहर्रम की 10वीं को कर्बला में हुजूम रहा। इस बीच में पपरेंदा चौकी इंचार्ज अर्पित पांडे आदि रहे।