बांदा। स्वराज अभियान के संयोजक योगेंद्र यादव द्वारा
बुंदेलखंड में कराए जा रहे सूखे और अकाल के सर्वे में फिलहाल चित्रकूटधाम
मंडल को शामिल नहीं किया गया। हालांकि दो दिन पूर्व योगेेंद्र यादव की
उपस्थित मेें झांसी मेें हुई बैठक में चित्रकूटधाम मंडल का मुद्दा प्रमुखता
से उठाया गया था।
आम आदमी पार्टी के नेता रहे योगेंद्र यादव का अब उत्तर प्रदेश और खासकर
बुंदेलखंड की तरफ रुझान है। वे बुंदेलखंड का सर्वेक्षण करा रहे हैं।
सर्वेक्षण के लिए स्वयंसेवियों की टीमें गठित की गई हैं। 25 अक्तूबर को
झांसी में योगेंद्र यादव ने सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर संवाद भी
किया।
उन्होंने अपनी इस यात्रा को संवेदना यात्रा बताया। पिछले
हफ्ते बिना किसी प्रचार या शोहरत के योगेंद्र यादव बांदा आए थे। शाम को
यहां एक स्कूल में कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी की थी।
इसके
बाद भी उनके द्वारा कराए जा रहे सर्वे में चित्रकूटधाम मंडल को शामिल नहीं
किया गया, जबकि यहां अकाल जैसे हालात हैं। किसान आत्महत्याएं भी ज्यादा
हुई हैं। योगेंद्र यादव बुंदेलखंड के 200 गांवों की 28 तहसीलों के 70
स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं से सर्वे करा रहे हैं।
झांसी बैठक में
बांदा के सामाजिक कार्यकर्ता आशीष सागर दीक्षित भी शामिल थे। आशीष ने बताया
कि झांसी मंडल के तीन जिलों को सर्वे मेें शामिल किया गया है। चित्रकूटधाम
मंडल में बाद में सर्वे कराने की बात की गई है। आशीष ने बताया कि बैठक में
उन्होंने केन-बेतवा लिंक के बारे में योगेेंद्र यादव से उनकी राय जाननी
चाही तो उन्होंने कहा कि अभी उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
यह भी
कहा कि बड़े बांध कभी सफल नहीं हुए। आशीष सागर ने बताया कि चित्रकूटधाम
मंडल में फिलहाल सर्वे न होने की बाबत स्वराज अभियान के उत्तर प्रदेश
प्रभारी राजीव ध्यानी ने कहा है कि त्योहारों के चलते फिलहाल स्वयंसेवी
कार्यकर्ता कम संख्या में उपलब्ध हैं।
जल्द ही इस मंडल में भी
सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के लिए कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है।
आशीष सागर ने कहा है कि ज्यादातर एनजीओ किसान आत्महत्या और सूखे के नाम पर
खेल खेलते रहे हैं।