बांदा। बिजली विभाग में तैनात अवर अभियंता को हाईकोर्ट से राहत मिली है। न्यायालय ने उनकी बहाली और मामले की जांच कराने के आदेश दिए हैं।
नरैनी विद्युत उपकेंद्र में तैनात अवर अभियंता रामलाल को दक्षिणांचल विद्युत वितरण लिमिटेड आगरा के प्रबंध निदेशक के आदेश पर दो सितंबर को निलंबित कर दिया गया था। जेई की बाइक की नंबर प्लेट में जूना अखाड़ा भी लिखा होने के अलावा दूसरे भी आरोप थे। विभाग ने इसकी जांच किए बिना निलंबन कर दिया।
इसके खिलाफ जेई ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय से गुहार लगाई। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि पांच जनवरी तक अवर अभियंता रामलाल की उसी स्थान पर तैनाती कर दी जाए। साथ ही जांच कर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और कोर्ट को अवगत कराने का आदेश मुख्य अभियंता को दिया है।
कहा गया है कि वाट्सएप चैट की सामग्री गंभीर है। प्रतिवादियों को इसकी जांच करनी चाहिए थी। जेई रामलाल का आरोप है कि संविदा कर्मी उनसे उनकी कंप्यूटर आईडी मांग रहे थे, जिससे वे मनमानी कर सके। उन्होंने देने से मना कर दिया, जिससे नाराज होकर संविदाकर्मी ने उनके ऊपर जानलेवा हमला किया था। मामले की एफआईआर भी हुई थी।