बांदा। केंद्र सरकार के विशेष पैकेज से बदहाल बुंदेलखंड की सूरत नहीं संवरी तो इसके लिए यहां के अफसर भी दोषी हैं। वे बुंदेलखंड पैकेज की धनराशि का सदुपयोग नहीं कर पाए। इसकी बानगी लघु सिंचाई विभाग है।
चित्रकूटधाम मंडल के गिरते जलस्तर को संवारने के लिए नए नलकूप, रिचार्ज पिट, चेकडैम आदि के लिए दी गई धनराशि में करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये वापस कर दिए गए। इतना ही नहीं विभाग ने जहां चेकडैम इत्यादि बनवाए थे, वे इतना घटिया थे कि पहली ही बारिश में ध्वस्त हो गए।
बुंदेलखंड विशेष पैकेज से चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा के लिए नए नलकूप निर्माण, कूप गहरीकरण, रिचार्ज पिट, एचडीपीई पाइप, सामुदायिक नलकूप, चेकडैम आदि के लिए 16 अरब 9 करोड़ 95 लाख रुपये मंजूर हुए थे लेकिन इसमें 50 करोड़ रुपये की कटौती कर दी गई। चारों जिलों के लिए वित्तीय वर्ष 2011-12 और 2012-13 में कुल 11 अरब 9 करोड़ 39 लाख 77 हजार रुपये अवमुक्त किए गए।
यह पूरा पैसा लघु सिंचाई विभाग को दिया गया लेकिन विभाग ने जहां भी निर्माण कराया वह काफी घटिया रहा। सबसे ज्यादा खेल चेकडैम में हुआ। पहली बारिश में ही तमाम चेकडैम धराशायी हो गए। पैकेज के पैसे का शत प्रतिशत उपयोग भी नहीं हुआ। सिंचाई विभाग ने पांच करोड़ 43 लाख रुपये खर्च नहीं किए और सरकार को 31 मार्च 2015 को लौटा दिए।
जिला अवमुक्त व्यय सरेंडर
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बांदा 1797.53 1717.52 80.00
चित्रकूट 4625.00 4478.48 146.52
हमीरपुर 1773.33 1593.33 180.00
महोबा 3743.92 3607.36 136.56
योग 11939.78 11396.69 543.08
स्वीकृत, अवमुक्त और खर्च पैसे का ब्योरा (लाख रुपये में)
कार्य स्वीकृत अवमुक्त खर्च
रिचार्ज पिट 970.17 617.17 579.92
चेकडैम 3040.00 3040.00 2590.00
नए नलकूप 8323.74 4929.87 4929.87
कूप गहरीकरण 2301.91 993.55 937.65
सामु. नलकूप 300.00 300.00 300.00
एचडीपीई पाइप 2059.25 2059.25 2059.25
आरटीआई में मिली सूचना से खुलासा
बांदा। बुंदेलखंड विशेष पैकेज से लघु सिंचाई विभाग को मिले बजट और खर्च इत्यादि की जानकारी जन सूचना अधिकार अधिनियम में मांगी गई सूचना से मिली है। इंदिरा नगर निवासी संकटा प्रसाद त्रिपाठी को उपलब्ध कराई गई सूचना में लघु सिंचाई विभाग ने बताया है कि चित्रकूटधाम मंडल में बुंदेलखंड पैकेज से 2864 नए कूप बनाए गए।
1448 कूपों का गहरीकरण किया गया। 2921 रिचार्ज पिट, 60 सामुदायिक नलकूप और 94 चेकडैम बनाए गए हैं। यह भी बताया कि यह कार्य वर्ष 2010-11 में शुरू हुआ और वर्ष 2012-13 में समाप्त हुआ। अधिशासी अभियंता द्वारा यह सूचना मार्च 2015 में तैयार की गई।
सूचना के मुताबिक 410 नए कूप अधूरे हैं। 95 कूपों का गहरीकरण नहीं हुआ। 17 चेकडैम भी अधूरे बताए गए। काम अधूरे होने के बावजूद 5.43 करोड़ रुपया वापस कर दिए जाने की वजह विभाग के कोई अधिकारी खुलकर नहीं बता पा रहे। गोलमोल जवाब मिल रहे हैं।
लघु सिंचाई विभाग बांदा के अधिशासी अभियंता सत्य प्रकाश का कहना है कि बांदा में पैसा सरेंडर नहीं हुआ। अन्य जिलों में हुआ होगा तो हमें नहीं मालूम। उन्होंने कहा कि कुछ चेकडैमों का निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि जनसूचना अधिकार अधिनियम में दी सूचना में अधिशासी अभियंता ने अपने हस्ताक्षरों से दी सूचना में पैसा सरेंडर होने और कुछ काम अधूरा होने की बात कही है।