बांदा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की बांदा यूनिट ने मंडलायुक्त को ज्ञापन देकर कहा है कि मंडल में धान की सरकारी खरीद पहली नवंबर से होगी। सरकार ने मोटे धान का समर्थन मूल्य 1868 रूपये तो घोषित कर दिया है लेकिन बासमती व परसन धान का समर्थन मूल्य निर्धारित नहीं किया।
ऐसे में किसान बाजार में माटी मोल धान बेचने को मजबूर हैं। भाकपा नेताओं ने कहा कि चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों में इस वर्ष 58,466 हेक्टेअर में धान की रोपाई की गई है। इसमें 330 हेक्टेअर मेें बासमती, परसन, चिन्नावर आदि सुगन्धिक धान की रोपाई की गई है।
लेकिन उत्पादक किसानों की हालत यह है कि वह न तो घर के हैं, न घाट के। सरकार ने पतले धान का समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया है। इसकी खरीद न होने से बाजार में भी मूल्य कम है। किसान बाजार में पतला धान माटी मोल बेचने को मजबूर है।
किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है। किसानों का कहना है कि प्रति हेक्टेअर 12 हजार रुपये लागत आती है और उत्पादन महज 20 से 25 क्विंटल होता है। ज्ञापन देने वालों का नेतृत्व पार्टी के राष्ट्रीय कौंसिल सदस्य डा.रामचंद्र सरस ने किया। जिला सचिव श्याम सुंदर, अनूप कुमार पटेल, वकार अहमद, विद्यानंद शुक्ल, रामनारायण आदि मौजूद रहे।