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‘छोकरा’ बोलने वालों पर भी शक की सुई, 20 से पूछताछ

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मृतक बालक के अपहरण और हत्या में इस्तेमाल की गई रस्सी को देखकर आपसी मंत्रणा करते डीएम आनंद कुमार स? - फोटो : BANDA
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बांदा/ओरन। बिसंडा थाना क्षेत्र के चौसड़ गांव में शिक्षक राजेश कुशवाहा के इकलौते आठ वर्षीय बेटे प्रिंस के अपहरण और हत्या की घटना में पुलिस फिलहाल किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। अलबत्ता शक के दायरे में आए लोगों को हिरासत में ले लेकर पूछताछ कर रही है।
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शक की सुई गांव लौटे प्रवासियों पर भी है, क्योंकि बच्चे के पिता को फोन करने वाले ने बातचीत के दौरान ‘छोकरा’ शब्द इस्तेमाल किया था। उधर, पुलिस ने इस घटना में धारा 363 के साथ 302 और 201 आईपीसी भी बढ़ा दी है। फिलहाल किसी को अभियुक्त के रूप में दर्ज नहीं किया है।
मृतक बालक के पिता राजेश कुशवाहा का कहना है कि उनकी किसी से रंजिश नहीं है। जिन पर शक है, उनसे भी कोई दुश्मनी नहीं है। उधर, पुलिस कोई स्पष्ट और ठोस सुबूत हाथ न लगने से फिलहाल संदिग्ध और मृतक के परिजनों द्वारा शक के आधार पर लिए गए नाम वालों से ही पूछताछ कर रही है।
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इंस्पेक्टर नरेंद्र प्रताप ने बुधवार की शाम फोन पर बताया कि महानगरों से लौटे गांव के करीब डेढ़ दर्जन लोगों पर नजर रखी जा रही है। 20 प्रवासियों से पूछताछ की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि अपहरण के बाद रात में बालक के पिता को की गई कॉल में अपहरणकर्ता ने छोकरा शब्द इस्तेमाल किया था। यह शब्द आमतौर पर मुंबई आदि महानगरों में प्रचलित है। कॉल का पूरा डिटेल खंगालने के लिए पुलिस की तकनीकी टीम लगाई गई है।
उधर, ओरन चौकी प्रभारी पीआर गौरव ने बुधवार को शाम बताया कि पिता ने 363 की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शव मिलने के बाद अब धारा 302, 364 और 201 की धारा बढ़ा दी गई है। मृतक के परिजनों ने जिन लोगों पर शक जताया है उनसे पूछताछ जारी है। जांच के बाद अभियुक्तों को नामजद किया जाएगा।
पीड़ित और आरोपी परिवारों से मिले आईजी
ओरन। बुधवार को पुलिस महानिरीक्षक चित्रकूटधाम मंडल के.सत्यनारायणा भी चौसड़ गांव पहुंचे। मृतक बालक प्रिंस के पिता राजेश कुशवाहा सहित घरवालों से सीधे बातचीत की। पूरा वाकया और घटनाक्रम पूछा। मृतक के पिता ने कहा कि बालक के अपहरण के बाद उन्होंने अज्ञात में तहरीर दी है। पुलिस जांच करके असली दोषियों को ही गिरफ्तार करे। किसी निर्दोष को न फंसाया जाए।
आईजी ने भरोसा दिलाया कि जांच तेजी से चल रही है। जल्द ही असल हत्यारे गिरफ्त में होंगे। महानिरीक्षक ने आरोपी परिवार के घर जाकर भी जायजा लिया। आरोपी की भतीजी बालिका से भी बात की। बालक प्रिंस का शव मिलने वाले स्थान और पुआल के ढेर का भी निरीक्षण किया। आईजी के साथ तहसीलदार (अतर्रा) विजय प्रताप सिंह और थानाध्यक्ष नरेंद्र प्रताप सिंह भी थे।
उधर, देर शाम डीएम आनंद कुमार सिंह और एसपी डॉ. एसएस मीणा चौसड़ गांव पहुंचे। साथ में क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर एके सिंह भी थे। दोनों अफसरों ने मृतक बालक के परिजनों के घर जाकर बातचीत की। बालक का शव बरामदगी वाले स्थल का टार्च की रोशनी से जायजा लिया। बालक के हाथ-पैर बांधने में इस्तेमाल की गई रस्सी आदि भी देखी।
इनसेट...
पुलिस के पहरे में हुआ अंतिम संस्कार
ओरन। मृतक बालक प्रिंस का बुधवार की सुबह गांव में ही अंतिम संस्कार किया गया। उसे सुबह सात बजे दफनाया गया। इस मौके पर बड़ी तादाद में पुलिस व पीएसी बल मौजूद रहा। ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। मंगलवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शव यहां पहुंचने पर परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। देर रात पुलिस अधीक्षक डॉ. एसएस मीणा दोबारा चौसड़ गांव आए और हालात का जायजा लिया। इकलौते बेटे को गवां देने वाली मां सदमे में बार-बार बेसुध हो रही है। गांव में स्थापित की गई देवी प्रतिमाओं के पट मंगलवार की रात बंद रहे। शोक का माहौल है।
इनसेट...
मुआवजे की रकम से फिरौती ऐंठने की मंशा का शक
ओरन। बालक प्रिंस का अपहरण और हत्या की गुत्थी फिलहाल नहीं सुलझी, लेकिन एक यह भी कयास लगाया जा रहा है कि अपहरण फिरौती के लिए किया गया था। मृतक के पिता राजेश कुशवाहा ने बताया कि उसके पिता तीन भाई थे। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे में ली गई जमीन में मुआवजे के रूप में आठ लाख रुपये मिले थे। तीनों भाइयों को 72-72 हजार रुपये मिले थे। चर्चा है कि अपहरणकर्ताओं ने इसी रकम में से फिरौती हथियाने के लिए अपहरण किया। बाद में मामला तूल पकड़ जाने से बच्चे की हत्या कर दी।

घर के दरवाजे बैठा मृतक बालक प्रिंस का पिता राजेश कुशवाहा (दाएं) व अन्य परिजन।- फोटो : BANDA

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