बांदा। एएसडी सूची में डाले गए मतदाताओं को पहचान साबित करने के लिए अब सभी ग्राम प्रधानों को सार्वजनिक उद्घोषणा (डुग्गी-मुनादी) कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वह अपने एसआईआर फार्म हर हाल में छह फरवरी तक जमा कर दें। बताए गए 13 विकल्पों में चार प्रपत्र उपलब्ध कराकर पहचान साबित कर सकते हैं। कोई विकल्प न होने की स्थिति में फार्म छह भरकर वह मतदाता बन सकते हैं।
चारों विधान सभा में वर्ष 2025 की मतदाता सूची के आधार पर 13,49,521 वोटर हैं। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर वर्ष 2003 की मतदाता सूची के आधार पर 11,74,109 मतदाताओं का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत सत्यापन कराया गया। जिसमें 1,75,412 अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृतक मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी। लिहाजा इन्हें एएसडी मतदाता सूची में डालते हुए नोटिस जारी की जा रही है। नोटिस के बाद वोटर को अपनी पहचान साबित करने के लिए आयोग द्वारा सुझाए गए 13 विकल्पों में चार प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी एसडीएम, तहसीलदार और अन्य विभागों के अधिकारियों को ईआरओ व एईआरओ नामित कर आदेश दिए कि एएसडी श्रेणी के सभी मतदाताओं को नोटिस पहुंचाई जाए। जरूरी विकल्प देने पर बीएलओ उन्हें मतदाता सूची में शामिल करने का काम करें। जरूरी विकल्प न देने वाले मतदाता को नए सिरे से मतदाता बनाने के लिए फार्म-6 भरवाया जाए।
वहीं तिंदवारी क्षेत्र में इस समय एसआईआर फॉर्म भरने और जमा कराने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ब्लॉक के सभी ग्राम प्रधानों को यह आदेश दिया गया है कि वे अपने-अपने गांवों में डुग्गी-मुनादी (सार्वजनिक उद्घोषणा) कराकर पात्र ग्रामीणों को यह सूचना दें कि वे 6 फरवरी तक अपना एसआईआर फॉर्म अवश्य जमा कर दें।
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फॉर्म-6 के जरिए बन सकते हैं नए मतदाता
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत नए मतदाताओं को जोड़ने और सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जिन युवाओं की आयु एक जनवरी 2026 तक 18 वर्ष हो जाएगी। वह अब भी फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।
किन्हीं कारणों से गणना प्रपत्र नहीं भर पाने वाले अनंतिम मतदाता सूची में नाम कट जाने वाले या फिर एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं के लिए फॉर्म-6 एक महत्वपूर्ण सुविधा है। इस फार्म के साथ जरूरी प्रमाण पत्रों के अलावा एक घोषणा पत्र भरना अनिवार्य है। इस घोषणा पत्र में वर्ष 2003 की मतदाता सूची का विवरण देना होता है। हालांकि, यदि आवेदक या उसके माता-पिता का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज है, तो उन्हें कोई अलग से प्रमाण पत्र नहीं देना होगा। केवल फॉर्म-6 और घोषणा पत्र भरकर वे मतदाता बन सकते हैं।
अब तक भरे गए फार्मों की संख्या
बांदा जिले में चल रहे एसआईआर अभियान के तहत, छह जनवरी को मतदाता सूची के अनंतिम प्रकाशन के बाद से अब तक कुल 8422 फॉर्म-6 भरे जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, नाम में संशोधन या पता बदलने के लिए 750 फॉर्म-8 और मतदाता सूची से नाम कटवाने के लिए 182 फॉर्म-7 भरे गए हैं।
घोषणा पत्र की अनिवार्यता
शुरुआत में घोषणा पत्र की व्यवस्था न होने से बड़ी संख्या में लोगों ने केवल फॉर्म-6 भर दिया था। अब, जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में छूट गए थे या जिन्होंने गणना प्रपत्र नहीं भरा था उन्हें मतदाता बनने के लिए फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र भरना अनिवार्य है।
आपत्तियों व दावों की स्थिति :
विधान सभा- आपत्तियां व दावे
तिंदवारी 2784
बबेरू 1662
नरैनी 3466
सदर 1442
कुल 9354
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फार्म - आपत्तियां व दावे
फार्म-6 8422
फार्म-7 182
फार्म-8 750
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कुल 9354