फोटो- 11 राजमार्ग के चहिरता-पचुल्ला मार्ग पर बना पुराना रपट्टा। संवाद
बांदा। बरसात के मौसम में केन नदी की बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलने वाली है। बांदा-बहराइच राजमार्ग के चहितारा-पचुल्ला मार्ग पर एक आधुनिक लघु सेतु का निर्माण कराया जाएगा। इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूरा होने से लगभग 12 हजार की आबादी को हर साल बरसात में होने वाली आवागमन की गंभीर समस्या से निजात मिलेगी।
बरसात के दिनों में केन नदी का जलस्तर बढ़ने से चहितारा-पचुल्ला मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। लगभग 1.350 किमी लंबा यह मार्ग पानी में डूबने से आसपास के कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को मजबूरी में नाव के सहारे आवागमन करना पड़ता है, जो जोखिम भरा होता है। स्कूली बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों को इस दौरान विशेष रूप से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
यह लघु सेतु बांदा-बहराइच मार्ग से जुड़े चहितारा-पचुल्ला मार्ग के किमी 6 पर स्थित पुराने रपटे के स्थान पर बनाया जाएगा। वर्तमान में यहां 27 मीटर लंबा एक रपटा है, जो बरसात के समय केन नदी के तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर के कारण पूरी तरह डूब जाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए सरकार ने एक आधुनिक लघु सेतु बनाने का निर्णय लिया है। यह मार्ग ग्रामीण क्षेत्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिसकी कैरिज वे की चौड़ाई 3.75 मीटर होगी।
अधिशासी अभियंता सीडी-दो, भूपेश कुमार सोनकर ने बताया कि इस लघु सेतु का निर्माण लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और फरवरी माह में मुख्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
फोटो- 11 राजमार्ग के चहिरता-पचुल्ला मार्ग पर बना पुराना रपट्टा। संवाद