बांदा। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा बढ़ाई गई फीस के विरोध का छात्र नेताओं ने नया तरीका अपनाया है। बुधवार को छात्र संघर्ष समिति पदाधिकारियों ने फीस वृद्धि के विरोध और खून से पत्र लिखा। यह पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विश्वविद्यालय कुलपति को भेजा गया है।
छात्र संघर्ष समिति के अभय प्रताप सिंह प्रिंस और सत्यम सिन्हा लव ने कहा कि उन्होंने अपने रक्त से लिखे पत्र में फीस माफी की मांग की है। हाल ही में छात्रों ने इस मुद्दे पर अपने घरों में धरना दिया था, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन पर कोई असर नहीं पड़ा। बढ़ी फीस माफ नहीं हुई। अब खून से पत्र भेजकर यह मांग की गई है।
इसके बाद भी अनसुनी की गई तो यह आंदोलन सड़कों पर नजर आएगा। छात्र नेताओं ने कहा कि पांच प्रमुख मांगों में बढ़ी फीस की वापसी, विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के छात्रावास में तीन माह की फीस माफी, उत्तर पुस्तिकाओं का शीघ्र मूल्यांकन कर नतीजा छात्रों के घर पहुंचाने और विश्वविद्यालयों के छात्रों की दो माह की फीस 50 फीसदी माफ किए जाने की मांगें शामिल हैं।
छात्र नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय ने 50 से 70 फीसदी फीस बढ़ा दी है। लॉकडाउन के मौजूदा हालात में छात्रों और उनके अभिभावकों पर यह बड़ा बोझ है। उन्होंने कहा कि चरखारी विधायक ब्रजभूषण राजपूत और झांसी विधायक रवि शर्मा ने छात्रों की मांग का समर्थन किया है।
ज्ञापन देने वाले अन्य छात्रों में सुशील द्विवेदी, आनंद निषाद, प्रशांत गुप्ता, अनमोल यादव, रवि, अनमोल द्विवेदी, राहुल नामदेव, भूपेंद्र निषाद, शैलेंद्र वर्मा, उमेश चंदेल, नन्ना तिवारी आदि शामिल रहे।