Non-receipt of social welfare officers clashed Agricultural University scholarship student.
बांदा। शुल्क प्रतिपूर्ति न मिलने से खफा कृषि विश्वविद्यालय के छात्रों का गुस्सा फट पड़ा। विकास भवन में समाज कल्याण अधिकारी के कक्ष में धावा बोलकर उन्हें लगभग डेढ़ घंटा बंधक बनाए रखा। जमकर खरीखोटी सुनाई और नारे लगाए। छात्रों का गुस्सा देख आसपास के दफ्तरों के अधिकारी व कर्मचारी खिसक लिए। सिटी मजिस्ट्रेट ने 15 मई तक छात्रवृत्ति दिलाने का आश्वासन देकर छात्रों को शांत किया।
कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी एजी प्रथम वर्ष के करीब 400 छात्रों में 120 छात्रों की शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं मिली। ये छात्र एक माह से भी ज्यादा समय से समाज कल्याण कार्यालय व कलेक्ट्रेट आदि में चक्कर लगा रहे हैं।
शनिवार को छात्रों के हुजूम ने विकास भवन में धावा बोल दिया और हंगामा करते हुए डीएम को बुलाने की मांग की। कुछ देर बाद समाज कल्याण अधिकारी केके सिंह के दफ्तर पहुंच गए। छात्रों ने उन्हें घेर लिया। करीब एक घंटे तक वह छात्रों से घिरे रहे।
सूचना पर सिविल लाइन चौकी इंचार्ज दो सिपाहियों के साथ आए, लेकिन छात्र काबू में नहीं आए। कुछ देर बाद सिटी मजिस्ट्रेट आरके श्रीवास्तव, सीओ सिटी विनोद सिंह, कोतवाली प्रभारी कुशलपाल सिंह आए और छात्रों को समझाने का प्रयास किया।
अधिकारियों ने कृषि विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार एसके सिंह, एसडब्लू वीके सिंह व डॉ.देव को बुला लिया। देर तक चली बातचीत के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने 15 मई तक छात्रवृत्ति दिलाने का लिखित आश्वासन दिया। तब छात्रों का गुस्सा शांत हुआ। छात्र विवेक सिंह, विशाल सिंह, कार्तिकेय सिंह, सत्यम प्रताप सिंह, प्रकाश, वीरेंद्र इत्यादि ने कहा कि 15 मई तक छात्रवृत्ति नहीं मिली तो वे लखनऊ में डेरा डालेंगे।