बांदा। विश्व फीजियोथेरेपी दिवस पर बांदा पैरा मेडिकल कालेज एंड नर्सिंग स्कूल में विशेष आयोजन हुआ। कई छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्र और कई पुरस्कार दिए गए। डॉ. एसडी सिंह परिहार (न्यूरो) ने कहा कि फीजियोथेरेपी चिकित्सा से लो बैक पेन का उपचार किया जा सकता है।
इस पद्धति को आरंभ करने का श्रेय हेनरिकलिंग व मैरीमेकमिलन को है। इस मौके पर पैरा मेडिकल स्कूल में नि:शुल्क फीजियोथेरेपी कैंप लगाया गया। 25 मरीजों का फीजियोथेरेपी पद्धति से इलाज हुआ। मरीजों को फल बांटे गए। क्विज कंप्टीशन भी हुआ। इसमें जीएनएम प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष और एएनएम की प्रथम व द्वितीय और डीपीटी के प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। उन्हें प्रमाणपत्र और पुरस्कार दिए गए।
बेबी नर्सिंग एंड चाइल्ड केयर की छात्राओं को भी प्रमाणपत्र दिए गए। एकलव्य महाविद्यालय प्रबंधक शकुंतला निषाद, कालेज चेयरमैन मकबूल अली खां, डायरेक्टर डॉ.जरीना खान सहित रुखसाना हाशमी, अधिवक्ता अशोक दीक्षित, डा. एसडी सिंह परिहार, डा. कुलदीप गुप्ता, डा. प्रियंका भारद्वाज और कालेज के डा. ज्ञान प्रकाश, सूर्या देवी, डा. एचएस वर्मा, डा. आनंद, फसीउल्ला खां, शमीम खां, मंसूर अली, मंजूर अली, अशफाक, मारिया, संदीप उपाध्याय, शाहिदा परवीन, सादिया रहमान, हिना, रीता सिंह व जितेंद्र आदि शामिल थे।