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फिर पढ़ाई के लिए मंडल के जूनियर स्कूल चमाचम

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पूर्व संध्या पर पुलिस लाइन स्थित जूनियर हाईस्कूल में कक्षाओं और दरवाजों की सफाई में जुटे स्कूल क? - फोटो : BANDA
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बांदा। दस माह बाद फिर से बुंदेलखंड के चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों बांदा, महोबा, हमीरपुर और चित्रकूट में जूनियर स्कूल के बच्चों की विद्यालयों में आज से आमद होगी। ये बात दीगर है कि बच्चों की आमद कोविड-19 की पाबंदियों और शर्तों की भरमार के बीच होगी। मंडल के सभी 1799 जूनियर हाईस्कूलों में आज सुबह प्रार्थना की घंटी गूंजेगी। शासन और शिक्षा निदेशक के निर्देशों पर इन स्कूलों में मंगलवार को पूर्व संध्या पर पूरे दिन तैयारियां चलीं। उधर, इन स्कूलों के खुलने के 20 दिन बाद एक मार्च से सभी प्राथमिक स्कूल भी खुल जाएंगे।
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शिक्षा निदेशक और शासन के निर्देशों के मुताबिक सभी बच्चे एक साथ स्कूल नहीं आएंगे। इन्हें 50-50 फीसदी संख्या में एक-एक दिन बारी-बारी से बुलाया जा रहा है। चारों जनपदों के इन स्कूलों में 2,32,817 बालक-बालिकाएं पढ़न-पाठन का कार्य करती हैं। शासन द्वारा निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक, पहले दिन सिर्फ 8वीं कक्षा के विद्यार्थी आएंगे। इनके लिए बुधवार और शनिवार का दिन निर्धारित है। अधिक बच्चों की स्थिति में स्कूल दो पालियों में चलेंगे। प्रदेश के बेसिक शिक्षा निदेशक डा. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में स्कूल खोलने से पहले और संचालित होने के लिए तमाम शर्तें और पाबंदियां लागू की हैं।
आठ पृष्ठीय दिशा-निर्देश पत्र जारी किया है। इसमें एक तरफ जहां अभिभावकों की लिखित सहमति से ही बच्चों को बुलाने की बात कही गई है, वहीं यह भी कहा गया कि जहां तक संभव हो संपर्कविहीन उपस्थिति पद्धति (ऑनलाइन) प्रक्रिया अपनाई जाए। मंगलवार को सभी जूनियर स्कूलों में शिक्षक और स्टाफ सफाई, सैनिटाइजेशन और निदेशक द्वारा दिए गए निर्देशों को पूरा करने में जुटे नजर आए। गौरतलब है कि बीते साल मार्च से बंद ये स्कूल 10 माह बाद 10 फरवरी से चालू हो रहे हैं। प्राइमरी स्कूलों को पहली मार्च से खोलने की तैयारी है। निदेशक ने ताकीद की कि किसी स्कूल में बच्चों से सफाई नहीं कराई जाएगी।
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लिखित सहमति जरूरी, घर से भी अध्ययन
बांदा। बच्चों को कक्षा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने से पहले अभिभावक की लिखित सहमति सौंपनी होगी। इसके लिए पांच सूत्री सहमतिपत्र जारी किया गया है। यह भी कहा गया कि अगर विद्यार्थी घर से ही अध्ययन करना चाहता है तो अनुमति दी जाएगी। पूर्व में कुछ स्कूलों में अधिकतम उपस्थिति के लिए बच्चों को पुरस्कृत किया जाता था। अब इस पर रोक रहेगी। बेसिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी निर्देशों में कक्षाओं में छात्र-छात्राओं के बीच 6-6 फीट की दूरी निर्धारित की गई है। चाहे फर्नीचर हो या धरती। शिक्षक और स्कूल कर्मियों पर भी ये शर्त लागू है। बच्चों को मास्क, हाथ की धुलाई, सैनिटाइजेशन, साबुन आदि की व्यवस्था कराई जाएगी। जिन स्कूलों में बसें या अन्य वाहन चलते हैं, उनके लिए कहा गया कि इन वाहनों को रोजाना दो बार सैनिटाइज किया जाए। एक बार बच्चों को लाने से पहले और दूसरी बार स्कूल से रवाना होने से पहले। वाहन चालक और उसके सहायक ये प्रमाणपत्र देंगे कि वह या उनके परिवार में कोई सदस्य बीमार नहीं है। बिना मास्क के बच्चे वाहन में नहीं बैठेंगे। वाहन की सभी खिड़कियां खुली रहेंगी। बस पर चढ़ते समय बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। मिड-डे मील भोजन में भी 6 फीट की दूरी का नियम लागू रहेगा। हाथ धोने आदि में भी बच्चे आपस में नहीं मिलेंगे। (ब्यूरो)
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जेवर पहन रसोइया नहीं बनाएंगी मिड-डे मील
बांदा। मिड-डे मील बनाने वाली महिला जेवर पहनकर ड्यूटी में स्कूल नहीं आएंगी। बेसिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी निर्देशों में प्रतिबंध शामिल है। साथ ही रसोइया को ये घोषणापत्र देना होगा कि वह या उसके परिवार में कोई कोरोना संक्रमित नहीं है। स्कूल में दाखिल होते ही हाथों को अच्छी तरह से धोना होगा। रसोइया को मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है और किसी भी प्रकार के आभूषणों को पहनने की अनुमति नहीं होगी। रसोईघर में इस्तेमाल होने वाले बर्तन इस्तेमाल के पहले अच्छी तरह साफ किए जाएंगे। बच्चे हाथ धोकर हवा में हाथ सुखाएंगे। बर्तनों को धोने के बाद धूप में सुखाने के बाद ही रखा जाएगा। (ब्यूरो)
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बांदा में 630 जूनियर हाईस्कूलों में होगी पढ़ाई
बांदा। बांदा में 630 जूनियर हाईस्कूल और 1091 प्राथमिक स्कूल हैं। मदरसा और संस्कृत विद्यालय भी इनमें शामिल हैं। परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत बच्चे 2,24,792 हैं। जूनियर में 68,792 छात्र-छात्राएं हैं। कक्षाएं शुरू होने के साथ ही मिड-डे मील भी रोजाना बनेगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद के 189, सीबीएसई बोर्ड के 6, संस्कृत शिक्षा बोर्ड के 20 और मदरसा शिक्षा बोर्ड के 25 विद्यालय भी खुल जाएंगे। डीआईओएस विनोद सिंह ने कहा कि प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया कि वह निर्देशों के मुताबिक कक्षाएं शुरू कराएं। (ब्यूरो)
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कक्षाओं में मास्क, सोशल डिस्टेंस जरूरी
बांदा। हर स्कूल में छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग और कक्षाओं में बच्चों के बैठने में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा। स्कूल में दाखिल होने से पहले गेट पर ही बच्चों के हाथों को सैनिटाइज/धुलवाए जाएंगे। साथ ही उनका मास्क चेक होगा। अध्यापक और स्कूल स्टाफ पर भी यह गाइडलाइन लागू रहेगी। जिन बच्चों के पास मास्क नहीं होगा, उन्हें प्रधानाचार्य मुहैया कराएंगे। (ब्यूरो)
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अभिभावकों को प्रबंध समिति करेगी प्रेरित
बांदा। बच्चों को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। प्रबंध समिति के माध्यम से अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए जागरूक और प्रेरित किया जाएगा। बीएसए हरिश्चंद्र नाथ ने बताया कि प्रधानाचार्यों को गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। (ब्यूरो)
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कक्षाओं का शेड्यूल
प्राइमरी स्कूल---
कक्षा- एक व 5 : सोमवार व गुरुवार
कक्षा- 2 व 4 : मंगलवार व शुक्रवार
कक्षा- 3 : बुधवार और शनिवार
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जूनियर स्कूल---
कक्षा-6 : सोमवार व गुरुवार
कक्षा-7 : मंगलवार व शुक्रवार
कक्षा-8 : बुधवार व शनिवार
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मंडल के तीनों माध्यमों के स्कूलों का ब्योरा---
जिला जूनियर स्कूल प्राथमिक स्कूल माध्यमिक स्कूल
बांदा 630 1091 240
चित्रकूट 446 843 109
महोबा 348 501 33
हमीरपुर 375 795 42
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फिर जूनियर हाईस्कूलों में होगी चहलपहल
चित्रकूट। जिले के 446 जूनियर हाईस्कूल के 45 हजार छात्र-छात्राएं बुधवार से फिर स्कूल जाना शुरू करेंगे। बीएसए ओमकार राणा ने सभी स्कूलों में सफाई, कमरों की धुलाई और सैनिटाइजेशन के निर्देश दिए हैं। स्कूल सुबह 9 बजे से शाम 3 तक खुलेंगे। बीएसए ने बताया कि अभी पूरी तरह से कोरोना खत्म नहीं हुआ है, लिहाजा शासन की गाइड लाइन का पालन करना होगा। हर कक्षा के छात्रों को एक दिन के अंतराल में आना होगा। उधर, डीआईओएस बलिराज राम ने बताया कि 109 माध्यमिक स्कूलों के कक्षा 9 व 10 के करीब 36 हजार छात्रों ने स्कूल जाना शुरू कर दिया है। जिले में प्राथमिक स्कूल 843 और छात्रों की संख्या लगभग एक लाख है। ये छात्र भी एक मार्च से स्कूल जाना शुरू करेंगे। (संवाद)
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फोटो परिचय-4-महोबा में पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार लगवाई गईं सीटें।
स्कूलों में सफाई, सैनिटाइजेशन कराया गया
महोबा। जिले में मंगलवार को प्रधानाचार्यों ने कोविड-19 की गाइडलाइन के मुताबिक स्कूलों में साफ-सफाई के साथ ही सैनिटाइजेशन का काम भी कराया गया। जिले में 348 जूनियर स्कूल हैं, जिनमें 28 हजार 546 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल खोले जाने को लेकर डीएम सत्येंद्र कुमार ने मंगलवार को कोविड-19 की गाइडलाइन जारी कर दी। उधर, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरा में प्रधानाध्यापिका आभा मिश्रा ने स्कूल खोले जाने से पहले अभिभावकों के साथ बैठक की। साथ ही गाइडलाइन से सभी को अवगत कराया। कुलपहाड़ क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय ठठेवरा के प्रधानाध्यापक रमेश यादव ने बताया कि कक्षाओं में छह-छह फीट की दूरी पर सफेद रंग के गोले बनाए गए हैं। बच्चे इसी दूरी पर बैठकर पढ़ाई करेंगे। आरबीपीएस के प्रधानाचार्य अमित अग्रवाल ने बताया कि शौचालय, कक्षों व परिसर की बेहतर साफ-सफाई कराकर सैनिटाइज कराया गया। (ब्यूरो)
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जूनियर स्कूलों के बच्चे अब जाएंगे स्कूल
हमीरपुर। कोरोना काल में बंद हुए जिले के 281 जूनियर विद्यालयों में साफ सफाई पूरी कर ली गई है। बीएसए सतीश कुमार ने बताया कि जूनियर स्कूलों में 41 हजार बच्चे शिक्षा ले रहे हैं। डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने स्कूलों में साफ सफाई पूरी करा दी है। कहा कि प्रधानाचार्यों को शासन के निर्देशों के बारे में जानकारी दे दी गई है। साथ ही विद्यालय में किसी प्रकार की प्रार्थना नहीं कराई जाएगी। स्कूलों में 50 फीसदी बच्चों में दाखिल होंगे। सभी विद्यालयों में शासन की गाइडलाइन का पालन कराने के निर्देश दिए हैं। (संवाद)
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कोरोना नियमों का करना होगा पालन
उरई (जालौन)। बीएसए प्रेमचंद यादव ने बताया कि सतहों, कुंडी, डैशबोर्ड, डस्टर आदि का सैनिटाइज करना होगा। स्वच्छ शौचालय व स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करनी होगी। सभी छात्र और शिक्षक मास्क पहनकर स्कूल आएंगे। थर्मल स्क्रीनिंग भी होगी। अभिभावकों से सहमतिपत्र लिया जाएगा। मंगलवार को तैयारियों को अमलीजामा पहनाया गया। बताया कि जिले में जूनियर के 332 स्कूल हैं, जिसमें 35479 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। बीएसए ने बताया कि जिले में 1510 परिषदीय स्कूल संचालित हैं, जिसमें 131237 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों को दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। (संवाद)
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