बांदा। प्लॉट खरीदने को लेकर हुए विवाद में एक युवक ने मां-बेटी पर झूठे प्रेम जाल में फंसाकर ऑनलाइन रुपये ऐंठने, फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने और बाद में सात लाख रुपये व एक प्लॉट न देने धमकी व ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित युवक ने मामले में कोई कार्रवाई न होने पर हाईकोर्ट में गुहार लगाई है। हाईकोर्ट के आदेश पर मां-बेटी पर गंभीर धाराओं में देहात कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
कोतवाली देहात क्षेत्र गुरेह निवासी मुकेश प्रजापति ने बताया कि वर्ष 2023 में शहर में प्लॉट खरीदने की तलाश के दौरान उसकी मुलाकात बंगालीपुरा निवासी किरन गुप्ता उर्फ प्रीति व उसकी मां बिशेखा गुप्ता से हुई। दोनों प्लॉट ब्रोकरशिप का काम करती हैं। मुकेश उसके माध्यम से प्लॉट न लेकर दूसरे के माध्यम से प्लॉट खरीद लिया, जिससे नाराज मां-बेटी उसके खिलाफ रंजिश रखने लगीं। जिसके बाद किरन गुप्ता ने अपनी मां की सहमति से उसे झूठे प्रेम के जाल में फंसाकर ऑनलाइन व नकद मिलाकर डेढ़ लाख से ज्यादा रुपये उधार लिए।
रुपये वापस मांगने पर उसके विरुद्ध थाना कोतवाली नगर में पाक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में झूठी एफआईआर दर्ज करा दी। पीड़ित ने हाईकोर्ट इलाहाबाद में रिट दायर कर बैंक ट्रांजेक्शन, ऑडियो रिकार्डिंग व अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिस पर प्रकरण मीडिएशन सेंटर भेजा गया लेकिन किरन गुप्ता ने वहां भी समाधान में सहयोग नहीं किया। बाहर लगातार समझौते के नाम पर सात लाख और एक प्लॉट की मांग कर ब्लैकमेल करतीं रहीं। पीड़ित ने बताया जालसाज मां-बेटी के खिलाफ एसपी, डीजीपी व सीएम को भी शिकायती पत्र भेजे, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर हाईकोर्ट की शरण ली है।
पीड़ित ने अदालत से अनुरोध किया है कि उसके प्रस्तुत बैंक स्टेटमेंट, ऑडियो रिकॉर्डिंग, व्हाट्सएप चैट व अन्य साक्ष्यों का अवलोकन कर विपक्षियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और विधिसम्मत विवेचना के आदेश दिए जाएं। उधर देहात कोतवाली प्रभारी चंद्र प्रकाश तिवारी ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर मां-बेटी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।