फोटो - 11 ओरन में पकड़े गए मगरमच्छ के साथ रेस्क्यू टीम के सदस्य। संवाद
ओरन। ओरन के तिलहर माता मंदिर तालाब में बीते 20 दिनों से मगरमच्छ ग्रामीणों के डर का कारण बना था। शनिवार को रेस्क्यू टीम ने उसे मशक्कत के बाद पकड़ा। इससे गांव के लोगों ने राहत की सांस ली।
तिलहर माता मंदिर तालाब में दो नवंबर की दोपहर को कुछ लोगों ने मगरमच्छ को देखा। इसकी जानकारी उन्होंने गांव में दी। इसके बाद गांव में भय व्याप्त हो गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस व वन विभाग को दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की रेस्क्यू टीम तालाब में मगरमच्छ को पकड़ने के लिए जुट गई लेकिन सफलता नहीं मिली। मगरमच्छ के बार-बार स्थान बदलने से हालात और भी मुश्किल हो गए। वहीं मगरमच्छ के होने से आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। शनिवार को रेस्क्यू टीम ने कड़ी मेहनत के बाद मगरमच्छ को पकड़ने में सफलता पाई।
इससे गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। उप क्षेत्रीय वन अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि करीब दो सप्ताह तक रेस्क्यू कार्य किया गया। मगरमच्छ के बार-बार स्थान बदलने से टीम को काफी प्रयास करने पड़े। बताया कि तिलहर देवी मंदिर तालाब से चतुराई तालाब, अतर्रा रोड पोखर की घेराबंदी के बाद मगरमच्छ को पकड़ा जा सका। अब उसे सुरक्षित उसके प्रकृतिवास में छोड़ा जाएगा। रेस्क्यू टीम में वनरक्षक शुभम द्विवेदी, शिवम द्विवेदी, राम सिंह, प्रमोद, जगदीश मौर्य, युवराज सिंह, संदीप पाल शामिल रहे।