मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर में धरना देते बिजली कर्मचारी।
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उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ के आह्वान पर चित्रकूटधाम मंडल के संविदा और नियमित कर्मचारी रविवार से हड़ताल पर चले गए। साथ ही मंडल मुख्यालय में मुख्य अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। उधर, मुख्य अभियंता का कहना है कि फिलहाल मंडल की बिजली पर हड़ताल का असर नहीं पड़ेगा। सोमवार को संघ के लोगों और ठेकेदार आदि की बैठक बुलाई गई है। इसमें समस्या का निदान करा दिया जाएगा।
बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और महोबा के बिजली कर्मियों ने कार्य बहिष्कार आंदोलन की शुरुआत करते हुए धरने में कहा कि 16 सूत्री मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रांतीय उप महामंत्री रामलाल पाल ने कहा कि संविदा कर्मियों को 4-5 माह का वेतन नहीं दिया गया है। उनका शोषण और उत्पीड़न किया जा रहा है। दक्षिणांचल महामंत्री अनिल यादव ने कहा कि बांदा व चित्रकूट में बेवजह संविदा कर्मियों को कार्यमुक्त किया जा रहा है। तीन निर्दोष संविदा कर्मियों को अब तक न्याय नहीं मिला। उप जोनल मंत्री आनंद पाल ने सातवां वेतनमान और एरियर न देने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। खंडीय अध्यक्ष मोहनलाल राजपूत ने कहा कि उत्पीड़न की शिकायत मुख्य अभियंता से लेकर अन्य अधिकारियों से कई बार की गई। वार्ताएं भी हुईं। लेकिन कोई निदान नहीं हुआ। उप खंड मंत्री विजय शंकर ने कहा कि 17 जनवरी को हुई वार्ता में अधिकारियों ने एक हफ्ते के अंदर समाधान का आश्वासन दिया था। पर यह कोरा साबित हुआ।
धरने की अध्यक्षता कर रहे जोनल अध्यक्ष अमीनुद्दीन ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को लगातार नजरंदाज किया जा रहा है। मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। कहा कि मांगें पूरी न होने तक पूरे मंडल में बेमियादी हड़ताल रहेगी। धरने का संचालन अशोक दीक्षित ने किया। अनीस अहमद, हरदेव, सागर, दीनदयाल, सुनील सिंह, अंब्रेश पाल, अनीस, जयंत, नसीम, इरशाद, आशीष, कामता, कमरुद्दीन, कमाल खां सहित चारों जनपदों के संविदा और नियमित कर्मचारी शामिल रहे। उधर, इस बारे में मुख्य अभियंता केशव कुमार भारद्वाज ने बताया कि हड़ताल से बिजली आपूर्ति पर मंडल में कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सोमवार को अभियंताओं और ठेकेदार के साथ कर्मचारी संगठन की बैठक में उनकी समस्याओं का निदान कराया जाएगा।