बांदा। शहर कोतवाल को हटाए जाने की मांग अब जिला अधिवक्ता संघ की प्रतिष्ठा से जुड़ गई है। संघ ने इस मुद्दे पर निर्णायक जंग का एलान किया है। जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष 4 फरवरी से आमरण अनशन पर बैठ रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि बार और बेंच के साथ अपनाए जा रहे रवैये के विरुद्ध प्राणों की आहुति देने से पीछे नहीं हटेंगे।
अधिवक्ता के साथ कोतवाली में कथित बदसलूकी के बाद अधिवक्ताओं का आंदोलन करीब एक माह से चल रहा है। अधिवक्ता संघ कोतवाली प्रभारी आनंद कुमार सिंह को हटाने की मांग पर अड़ा है। 18 जनवरी को जिला जज, डीएम और एसपी के बीच बैठक हुई थी।
अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू के मुताबिक पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने जिला जज को भरोसा दिलाया था कि तीन दिन के अंदर कोतवाली प्रभारी को हटा दिया जाएगा, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हुआ। अधिवक्ता संघ अब इसे बार के साथ बेंच का भी अपमान मान रहा है। दूसरे चरण के आंदोलन में 1 फरवरी से सभी अधिवक्ता हड़ताल पर हैं। उनके समर्थन में चित्रकूटधाम मंडल के अधिवक्ता भी आंदोलन व हड़ताल कर रहे हैं।
अब यह मुद्दा और गंभीर हो गया है। रविवार को जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू ने लिखित बयान जारी कर कहा कि वे 4 फरवरी से आमरण अनशन करेंगे। तब तक नहीं उठेंगे जब तक कोतवाली प्रभारी को हटा नहीं दिया जाएगा। कहा कि यह बेहद अफसोस जनक है कि जिला प्रशासन और मंडल प्रशासन ने बार के साथ बेंच से भी वादाखिलाफी की।
इसे वे बर्दाश्त नहीं करेंगे। अनशन पर बैठेंगे। भले ही प्राणों की आहुति देनी पड़े। गौरतलब है कि अध्यक्ष जीतू कई वर्ष पूर्व अपनी एक किडनी दान कर चुके हैं। उनकी दूसरी किडनी में भी कई बार आपरेशन हो चुके हैं। ऐसे में उनके आमरण अनशन पर बैठने से स्थिति बिगड़ सकती है।