बांदा। मंडी शुल्क के विरोध में तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल गुरुवार को यहां भी शुरू हो गई। मंडियों में कारोबार नहीं हुआ। यहां के व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। लगभग एक करोड़ रुपये का कारोबार ठप रहा। दूसरी तरफ सरकार को भी लगभग तीन लाख रुपये मंडी टैक्स और विकास शुल्क नहीं मिलेगा।
तिंदवारी रोड स्थित मंडी समिति में पचास से अधिक लाइसेंसी थोक और फुटकर व्यापारी हैं। रोजाना करीब एक करोड़ रुपये का कारोबार होता है। मंडी शुल्क के विरोध में उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर गुरुवार से व्यापारियों ने तीन दिन के लिए अपना कारोबार को बंद कर दिया है।
उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष सत्यप्रकाश का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश से मंडी शुल्क को समाप्त कर दिया है, लेकिन प्रदेश सरकार वसूल रही है, जबकि पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में मंडी शुल्क माफ है। इससे व्यापारियों में आक्रोश है और वह पड़ोसी राज्य का रुख कर रहे हैं। महासचिव कमलेश कुमार गुप्त का कहना है कि व्यापारी हड़ताल से पीछे हटने वाले नहीं हैं। जरूरत पड़ी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
उधर, मंडी परिषद सचिव विभा खरे का कहना है कि बारिश के मौसम में व्यापार ठंडा पड़ जाता है। तीन दिनों की बंदी से दो से तीन लाख का ही मंडी व विकास शुल्क का नुकसान होगा।
मंडी शुल्क के विरोध में व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष श्याम बिहारी मिश्रा के आह्वान पर व्यापारी हड़ताल पर रहे। व्यापार मंडल अध्यक्ष सुधीर अग्रहरि, महामंत्री बसंत गुप्ता, मन्ना गुप्ता ने मंडी शुल्क माफ करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। इस अवसर पर माताबदल, राजेश अग्रहरि, संतोष कुमार सहित ओम, प्रदीप, शिव, अंजनी, निखिल, कमलेश अग्रहरि, शिवप्रसाद, दिनेश, आशुतोष आदि ट्रेडर्स व गल्ला व्यापारी शामिल रहे। तहसील अध्यक्ष ने कहा कि बबेरू में गल्ला व्यापार शुक्रवार और शनिवार को भी बंद रहेगा।
सूना पड़ा मंडी का शेड।- फोटो : BANDA