आंधी से शहर के झंडा चौराहा के पास गिरा पेड़।
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को दिनभर तेज धूप, लू और उमस के बाद शाम सूर्यास्त के पहले मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी और आकाशीय बिजली की गड़गड़ाहट के बीच बारिश हुई। आंधी में कई जगह पेड़ गिर जाने से बिजली की लाइनों को नुकसान पहुंचा। आपूर्ति ठप हो गई। देर रात तक अधिकांश इलाके अंधेरे में डूबे रहे। मई माह में आंधी का यह चौथा कहर था।
सुबह से ही तेज धूप थी। अधिकतम तापमान 47 डिग्री तक रहा। जनजीवन बुरी तरह तप उठा। शाम लगभग 5 बजे मौसम में बदलाव आया और बादल छा गए। कुछ ही देर बाद तेज आंधी चल पड़ी। इसी दौरान आकाशीय बिजली की डरावनी गड़गड़ाहट के बीच बारिश शुरू हो गई। लगभग आधा घंटा तक बारिश और तेज हवाओं को सिलसिला चलता रहा। तापमान में काफी गिरावट आ गई।
गर्म लू ठंडी हवा में बदल गई। आम लोगों ने राहत की सांस ली। दूसरी तरफ कई जगह भारी-भरकम पेड़ गिरने और टूटने से सड़कें अवरुद्ध हो गईं। बिजली की लाइनें भी क्षतिग्रस्त हुईं। बांदा शहर के लगभग सभी फीडर ठप हो गए। यह देर रात तक चालू नहीं हो पाए। अधिकांश गांवों में भी बिजली गुल हो गई। कई स्थानों पर टीन-टप्पर और झुग्गी झोपड़ियां उड़ गईं। कुछ सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन भी बाधित हुआ। शहर के झंडा चौराहा के पास भारी भरकम पीपल का पेड़ गिरने से कई राहगीर बाल-बाल बच गए।