बांदा। हिंदू महासभा नेता द्वारा पैगंबर के खिलाफ शर्मनाक बयान देने के मामले में सोमवार को मुस्लिमों में गुस्सा भड़क उठा।
गुस्ताखे
रसूल नहीं सहेंगे, आरोपी को फांसी दो आदि नारों के बीच मुस्लिमों ने विरोध
प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित नौ सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को
देकर हिंदू महासभा पर पाबंदी लगाने की मांग की।
सोमवार को
कलेक्ट्रेट परिसर में इकट्ठा हुए सैकड़ों मुस्लिमों ने हाथों में तख्तियां
लेकर विरोध प्रदर्शन किया। नबी के खिलाफ शर्मनाक बयान देने वाले हिंदू
महासभा अध्यक्ष कमलेश तिवारी को फांसी देने की मांग गूंजती रही।
इस दौरान शहर काजी मौलाना कमरुद्दीन ने संबोधन में कहा कि कुछ नेता ऐसी बयानबाजी करके देश का माहौल खराब कर रहे हैं।
शहर
काजी अकील मियां (मेराज मसूदी) ने कहा कि नबी पर बयानबाजी करने वाले को
माफ नहीं किया जाना चाहिए। अंसार अहमद सिद्दीकी ने कहा कि नेताओं की ऐसी
बदजुबानी को मुस्लिम सहन नहीं करेंगे।
भविष्य में इस तरह की
पुनरावृत्ति हुई तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद शहर के प्रमुख
मौलानाओं समेत कई वरिष्ठ मुस्लिमों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर उन्हें
ज्ञापन दिया।
इसमें हिंदू महासभा और इसको समर्थन करने वाले सभी
संगठनों पर पाबंदी लगाने, गलत बयानबाजी करने वाले आरोपी को फांसी देने, देश
में अराजकता और अशांति का माहौल पैदा करने वाले पर देशद्रोह की कार्रवाई
आदि मांगे शामिल हैं।
चेतावनी दी कि शीघ्र कार्रवाई न हुई तो
परिणाम गंभीर होंगे और इसकी जिम्मेदार सरकार होगी। इस अवसर पर बसपा मंडल
कोआर्डिनेटर मोहम्मद इदरीस, जामा मस्जिद मुतवल्ली शेख सादी जमां शामिल रहे।