बांदा। राज्य कर्मचारी कल्याण निगम इस वर्ष धान की खरीद नहीं कर सकेगा। शासन स्तर पर इसे तत्काल प्रभाव से डिबार घोषित कर दिया गया है। शासन ने यह कार्रवाई एक पखवारे बाद की है। 15 अक्तूबर से अन्य केंद्रों के साथ निगम के दो केंद्र चालू हो चुके थे। डिबार कार्रवाई के पीछे पिछले वर्ष धान खरीद में निगम द्वारा बरती गई अनियमितता बताई जा रही है। अब जिले में धान खरीद केंद्रों की संख्या घटकर 33 हो गई है।
15 अक्तूबर से चित्रकूटधाम मंडल में धान खरीद चालू हो चुकी है। बांदा जिले में 35 केंद्र खोले गए थे। इनमें दो राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के भी थे। ये डोंगरी गांव और नरैनी नगर में खुले थे। शुक्रवार को शासन के आदेश के बाद इन्हें बंद कर दिया गया है।
अब जिले में धान खरीद केंद्रों में राजकीय विपणन एजेंसी के आठ, पीसीएफ के नौ, भारतीय खाद्य निगम के दो, यूपी एग्रो के आठ और फार्मर प्रोड्यूसर एजेंसी के छह केंद्र धान खरीदेंगे। इस वर्ष जिले में 75 हजार मीट्रिक टन धान खरीद की जानी है।
सामान्य धान का मूल्य 1868 रुपये और ए-ग्रेड धान का मूल्य 1888 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी गोविंद उपाध्याय ने बताया कि शासन ने राज्य कर्मचारी कल्याण निगम की धान खरीद एजेंसी को डिबार घोषित कर दिया है। जिले के दोनों केंद्र तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए गए हैं। निगम प्रदेश में कहीं भी धान नहीं खरीद सकेगा।